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कानपुरः गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने पुलिस समर्थक महिलाओं को पीटा

पुलिस के खिलाफ थाने पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं को रोकने के लिए पुलिस की भी कुछ समर्थक महिलाएं सामने आ गई. इसके बाद प्रदर्शन करने वाली महिलाओं से उनकी मारपीट हो गई.

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रंजय सिंह[Edited by: नंदलाल शर्मा]नई दिल्‍ली, 08 August 2014
कानपुरः गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने पुलिस समर्थक महिलाओं को पीटा

आपने वैसे तो अक्सर सुना होगा कि पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली कि मारपीट हमेशा पुलिस से ही होती है. लेकिन कानपुर में यह घटना थोड़ी अलग है. यहां पुलिस के खिलाफ थाने पर प्रदर्शन कर रही महिलाओं को रोकने के लिए पुलिस की भी कुछ समर्थक महिलाएं सामने आ गई. इसके बाद प्रदर्शन करने वाली महिलाओं से उनकी मारपीट हो गई.

अभी तक यह पता नहीं चला है कि पुलिस का समर्थन करने वाली महिलाओं को पुलिस ने खुद बुलाया था या वे खुद ही पुलिस की हिमायती बन कर आई थीं. वैसे बदलते दौर में कोई बगैर मतलब किसी को गाली भी नहीं देता है यह भी ध्यान करने वाली बात है.

एक चर्चित हत्याकांड में पुलिस की कार्यवाही को लेकर महिलाओं ने जमकर हंगामा काटा. महिलाओं ने थाने के गेट पर ही पुलिस का समर्थन करने आई कुछ दूसरी महिलाओं को लात घूंसों से जमकर पुलिस के सामने ही पीटा, महिलाओं का आरोप था कि पुलिस ने ओम प्रकाश को लालित्यम साड़ी हत्याकाण्ड में फर्जी ढंग से जेल भेज दिया.

लालित्यम साड़ी सेंटर के मालिक ललित की 13 जुलाई को उनके ही साड़ी शो रूम में जलाकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने पहले ललित के नौकर अनिल सोनी को हत्यारा बनाकर जेल भेजा था. इसके बाद पुलिस ने उसी हत्याकांड में अनिल के बहनोई ओमप्रकाश को भी जेल भी दिया.

ओमप्रकाश के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने ललित की हत्या में हमारे परिजनों को जेल भेजना गलत है, जबकि उनकी हत्या खुद ललित के बेटे ने कराई है. महिलाओं का कहना था कि पुलिस पैसा लेकर लोगों को फंसा रही है. पहले पुलिस ने अनिल को जेल भेजा था, गुरुवार को उसके बहनोई ओमप्रकाश को भी जेल भेज दिया.

ये महिलाएं रात आठ बजे थाने के गेट पर गिरफ्तारी का विरोध कर रही थीं, तभी कुछ महिलाओं ने वहां आकर पुलिस का समर्थन शुरू कर दिया. बस फिर क्या था थाने के गेट पर ही प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने पुलिस का समर्थन करने वालों की पिटाई कर दी. इस समय तो यह देखने लायक है कि मौके पर मौजूद पुलिस ने अपनी समर्थक महिलाओं को पीटने से बचाया तक नहीं.

थाने के गेट पर यह मारपीट का हंगामा लगभग तीन घंटे तक चलता रहा, आखिर जब कई थानों की पुलिस लेकर एसपी सिटी प्रभाकर चौधरी मौके पर आए और महिलाओं को जांच का आश्वासन दिया तब जाकर महिलाएं शांत हुई.

प्रदर्शन करने वाली महिलाओं में शामिल शिवानी ने कहा, 'पुलिस ने हमारे पति और भाई को फर्जी ढंग से जेल भेजा है उसको चार दिन से थाने में रोके रखा है. पुलिस ने अपनी महिलाओं को बुलाकर बुलाकर हम लोगों से मारपीट कराया. जबकि कत्ल खुद मालिक के लड़के ने किया है.'

ओमप्रकाश की मां शांति ने कहा, 'पुलिस ने हमसे बीस हजार रुपया भी लिया और कहा कि छोड़ देंगे, लेकिन जेल भेज दिया. एसपी सिटी प्रभाकर चौधरी ने कहा, 'महिलाएं जो आरोप लगा रही है उनकी जांच कराई जाएगी. अभी हमने उनको समझाकर वापस भेजा है.'

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