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पीड़िता के पिता का बयान- आसाराम की दया याचिका राजनीतिक दांव

लंबे समय से जेल में सजा काट रहे संत आसाराम को कोर्ट से कोई रियायत नहीं मिलती दिख रही है तो उन्होंने अब राज्यपाल से गुहार लगाई है कि उनकी उम्र को देखते हुए सजा कम कर दी जाए.

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शिवेंद्र श्रीवास्तव [Edited By: विवेक पाठक]शाहजहांपुर, 11 September 2018
पीड़िता के पिता का बयान- आसाराम की दया याचिका राजनीतिक दांव आसाराम बापू (फाइल फोटो)

नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न के मामले में सजा काट रहे कथावाचक आसाराम बापू ने राजस्थान के राज्यपाल को दया याचिका भेजकर पर माफ किए जाने की गुहार लगाई है.

जानकारों की मानें तो आगामी लोकसभा चुनावों के चलते आसाराम बापू ने यह चाल चली है. क्योंकि आसाराम बापू को पता है कि चुनाव के ठीक पहले अगर राजस्थान सरकार किसी भी तरह की रियायत देने का मन बनाती है तो वह और उनके समर्थक भाजपा के साथ खड़े हो जाएंगे और इसका सीधा फायदा चुनाव में मिलेगा.

इस मामले में शाहजहांपुर में पीड़ित लड़की के पिता ने कहा कि आसाराम बापू की चाल सरकार को वोटों का लालच दिलाना है. क्योंकि अगर राजस्थान सरकार आसाराम बापू के पक्ष में कोई कदम उठाती है तो आसाराम बापू के लाखों समर्थक सरकार के लिए नरम हो जाएंगे और इसका फायदा चुनाव के दौरान मिलने की संभावना बढ़ जाएगी. पीड़िता के पिता ने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता है तो बेहद गलत होगा.

पीड़िता के पिता ने कहा कि आसाराम बापू एक शैतान हैं जिसे किसी भी तरीके की रियायत नहीं मिलनी चाहिए. पिता ने कहा कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है पीड़ित लड़की के साथ पूरा न्याय होगा.

फिलहाल इस मामले में राजस्थान सरकार की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन सूत्र बताते हैं कि सरकार सारी स्थितियों को समझ कर ही कोई कदम उठाने के पक्ष में हैं.

बता दें कि 16 साल की पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया था कि आसाराम ने उसे 5 अगस्त, 2013 की रात जोधपुर के मनई इलाके स्थित अपने आश्रम बुलाया और उसके साथ रेप किया. पीड़िता यूपी के शाहजहांपुर से ताल्लुक रखती है और आसाराम के मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आश्रम में पढ़ती थी.

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