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वाराणसी: आजतक ने ढूंढ निकाली 7 क्षतिग्रस्त गाड़ियां, क्या सच छुपाने की है कोशिश?

वाराणसी हादसे में 15 मौतों के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या सच छुपाने की कोशिश हो रही है. हालांकि 4 अफसरों पर गाज गिर चुकी है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए जा चुके हैं.

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aajtak.in [Edited By: अमित दुबे]वाराणसी, 16 May 2018
वाराणसी: आजतक ने ढूंढ निकाली 7 क्षतिग्रस्त गाड़ियां, क्या सच छुपाने की है कोशिश? हादसे की तस्वीर

वाराणसी हादसे में 15 मौतों के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या सच छुपाने की कोशिश हो रही है. हालांकि 4 अफसरों पर गाज गिर चुकी है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए जा चुके हैं.

दरअसल 'आजतक' ग्राउंड पर पहुंचा तो चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं. जिस जगह पर ये हादसा हुआ था वहां से सभी क्षतिग्रस्त गाड़ियों को हटा दिया गया है. गार्डर की चपेट में आने से सभी गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए थे.

हादसा कितना भयानक था ये तस्वीरों को देखकर आसानी से समझा जा सकता है. 'आजतक' उस जगह तक पहुंच गया जहां गाड़ियों को छुपाकर रखा गया है. बाइक को छोड़कर इस जगह कुल 7 गाड़ियां मिलीं. जिनमें एक मिनी बस है और हादसे के वक्त इसमें 50 लोगों के सवार होने की बात कही जा रही है. इसके अलावा दो SUV, दो छोटी कार और दो ऑटो के इस हादसे में क्षतिग्रस्त होने के सबूत मिले.

गाड़ियों की स्थिति देखकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्या वाराणसी हादसे की असली तस्वीर को छुपाने की कोशिश जा रही है. ऐसा नहीं तो फिर मलबे में दबी कारों को क्यों छिपाया जा रहा है? क्या मौत का जो सही आंकड़ा है, उसे छिपाने की कोशिश तो नहीं है?

क्योंकि अभी तक इस हादसे में 15 लोगों के मरने की खबर है. लेकिन जिस तरह से गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए हैं. उसे देखकर मौत के आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं. क्योंकि इन क्षतिग्रस्तों गाड़ियों में सवार लोगों के साथ-साथ कई बाइक सवार भी हादसे में मारे गए हैं.

इस शक को इसलिए बल मिल रहा है कि बुधवार सुबह तक कुछ लोग अपने परिजनों को खोज रहे थे. दरअसल, रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो चुका है, लेकिन लोग अपनों की तलाश में बनारस के अस्पतालों की खाक छान रहे हैं.

'आजतक' को एक लड़की मिली जो अपनी मां की खोज रही है. लड़की अपनी मां शांति देवी की तस्वीर हाथ में रखी हुई है. बेटी का कहना है कि उसकी मां डीआरएम ऑफिस में काम करती थीं. रोज दफ्तर से निकलने का और घर पहुंचने का वक्त तय था. लेकिन इसी रास्ते पर ऐसा दर्दनाक हादसा हो गया. और अभी तक मां की कोई खोज-खबर नहीं मिली है. बेटी का नाम चंदन है.

चंदन का परिवार अकेला ऐसा परिवार नहीं है जो इस हादसे के बाद परेशान है. ऐसे कई लोग हैं जिनके परिजन घर नहीं पहुंचे. हालात ही ऐसे बने हैं कि न चाहते हुए भी मन को हजार तरह की आशंकाएं घेरे हुए हैं.

नीचे लगे वीडियो में ग्राउंड रिपोर्ट देखें:

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