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यूपी: 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर होगी सरकारी छुट्टी

उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 दिसंबर को सरकारी छुट्टी का ऐलान किया है. इस दिन संविधान समिति के अध्यक्ष और देश के पहले काननू मंत्री डॉ. भीम राव अंबेडकर की पुण्यतिथि है.

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aajtak.in [Edited by: हर्षिता]लखनऊ, 14 April 2015
यूपी: 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर होगी सरकारी छुट्टी डॉ. भीमराव अंबेडकर (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 दिसंबर को सरकारी छुट्टी का ऐलान किया है. इस दिन संविधान समिति के अध्यक्ष और देश के पहले काननू मंत्री डॉ. भीम राव अंबेडकर की पुण्यतिथि है.

अखिलेश यादव सरकार की ओर से मंगलवार को अंबेडकर जयंती के मौके पर इसकी घोषणा की गई. गौरतलब है कि साल 1992 में इसी दिन यानी 6 दिसंबर को कार सेवकों ने बाबरी का विवादित ढांचा ढहाया था.

बीएसपी के अंबेडकर
डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की विरासत पर अब तक सबसे बड़ी दावेदार बहुजन समाज पार्टी रही है. बीते कई बरसों में 14 अप्रैल का दिन बीएसपी के लिए बेहद खास होता था. आंबेडकर जयंती को बीएसपी के कार्यकर्ता धूमधाम से तो मनाते ही थे, मायावती के शासनकाल में तो सरकारी कार्यक्रम भी बड़े स्तर पर आयोजित किए जाते थे. इसे सेलीब्रेशन का शोर कहें या कुछ और, लेकिन इस बार बीएसपी भीड़ में कहीं गुम नजर आ रही है.

नेता क्यों जप रहे हैं अंबेडकर का नाम?
मंगलवार को अंबेडकर जयंती पर दलित उत्साहित हो या ना हो, तमाम राजनीति दलों पर इसकी खुमारी साफ नजर आ रही है. कोई अपने कैंपेन की शरुआत इस दिन से कर रहा है, तो अंबेडकर के बहाने छुट्टी देकर वोटरों को लुभाने की कोशिश में है. सवाल ये कि आखिर अंबेडकर सभी पार्टियों के लिए अहम क्यों हो गए हैं?

दरअसल, आने वाले दिनों में उन राज्यों में चुनाव हैं जहां दलितों की अच्छी खासी तादाद है. इस साल के अंत में बिहार में चुनाव होने हैं. यहां 15 फीसदी दलित आबादी है. साल 2016 में पश्चिम बंगाल में चुनाव होंगे जहां 23.5 प्रतिशत दलित आबादी है. साल 2017 में पंजाब में भी चुनाव होने हैं जहां सबसे 31. 9 फीसदी दलित आबादी का बसेरा है. ऐसे में तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति पहले ही तैयार कर ली है. इसी साल यूपी में भी विधानसभा चुनाव होंगे.

अंबेडकर जयंती पर BJP और कांग्रेस का दलित लुभाओ कैंपेन
भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह आधिकारिक तौर पर पटना में बिहार विधानसभा चुनावों का कैंपेन शुरू किया.

उधर संघ के मुखपत्र में अंबेडकर पर एक 'विशेषांक' लेकर आया है जिसमें उन्हें मुस्लिम धर्मांतरण के खिलाफ आवाज उठाने वाले 'शुद्धिकर्ता' बताया गया है. गौरतलब है कि बिहार चुनाव में दलित वोटर बड़ी भूमिका निभाते हैं और जनता दल गठजोड़ के तहत दलित वोटरों को अपनी ओर खींचना बीजेपी के लिए और मुश्किल हो गया है.

कांग्रेस भी अंबेडकर जयंती को भुनाने की तैयारी में है. पार्टी के सीनियर नेता सुशील कुमार शिंदे अंबेडकर के जन्मस्थान महू जाएंगे और उन्हें श्रद्धांजलि देंगे.

क्या अंबेडकर की पुण्यतिथि पर सरकारी छुट्टी का ऐलान अखिलेश सरकार का पॉलिटिकल स्टंट है?

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