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वाराणसी: मोमबत्ती की रोशनी में हुआ ऑपरेशन

अखिलेश यादव सरकार भले ही सरकारी अस्पतालों में एक्सरे और पैथॉलाजी की सेवा मुफ्त कर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं के प्रति उसका रवैया बेहद उपेक्षात्मक है.

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आशीष मिश्र [Edited By: पीयूष शर्मा]लखनऊ, 07 February 2014
वाराणसी: मोमबत्ती की रोशनी में हुआ ऑपरेशन Symbolic Image

अखिलेश यादव सरकार भले ही सरकारी अस्पतालों में एक्सरे और पैथॉलाजी की सेवा मुफ्त कर अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं के प्रति उसका रवैया बेहद उपेक्षात्मक है.

वाराणसी में गुरुवार दोपहर साढ़े बारह बजे 11 केवी लाइन की मरम्मत के लिए मैदागिन उपकेंद्र का लहुराबीर फीडर ढाई घंटे के लिए बंद करना पड़ा. इस दौरान डीजल न होने से इस इलाके के महिला अस्पताल का जेनरेटर चालू नहीं किया जा सका. नतीजतन तीन गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन मोमबत्ती की रोशनी में करने पड़े.

जेनरेटर चालू न होने के बारे में जब पता किया गया तो मालूम हुआ कि आशापुर स्थित जिस पेट्रोल पंप से डीजल खरीदा जाता है, उसका महिला अस्पताल पर साढ़े चार लाख और मंडलीय अस्पताल पर आठ लाख रुपये बकाया है. इसके चलते पंप संचालक ने और उधार डीजल देने से मना कर दिया.

वाराणसी के सीएमओ डॉ. एमपी चौरसिया बताते हैं कि अप्रैल 2013 से अब तक डीजल के लिए शासन से एक पैसा नहीं आया है. प्रमुख सचिव को कई बार पत्र लिखा गया. उन्होंने बकाया अदायगी के साथ ही डीजल खरीदने के लिए जल्द धन भेजने का आश्वासन दिया है. मंडलीय अस्पताल में अन्य मदों की रकम से डीजल की खरीद हो जाती है, मगर महिला अस्पताल में कोई अन्य मद में धन नहीं आता. सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर विपक्षी पार्टियों ने सपा सरकार को निशाने पर ले लिया है.

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन कहते हैं कि अखिलेश यादव सरकार फ्री एक्सरे और पैथोलाजी जांच का झुनझुना दिखाकर जनता को धोखा दे रही है. यूपी के बदहाल सरकारी अस्पतालों में मरीजों की जान सांसत में बनी हुई है.

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