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UP: बलरामपुर में बाढ़, 13 लोगों की बचाई गई जान, दो अभी भी लापता

मॉनसून की शुरुआती बारिश ही देश के कई हिस्सों में अपने साथ तबाही लेकर आई है. पहाड़ी नालों में आये सैलाब ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के तराई इलाके में भारी तबाही मचाई है. रातोंरात आई इस तबाही में दो दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हो गए, जिस सड़क पर गाड़ियां सरपट दौड़ती थी, आज वहां सैलाब ने कब्जा कर लिया है.

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aajtak.in [Edited by: विशाल कसौधन/वरुण शैलेश]बलरामपुर, 25 June 2019
UP: बलरामपुर में बाढ़, 13 लोगों की बचाई गई जान, दो अभी भी लापता सांकेतिक तस्वीर

मॉनसून की शुरुआती बारिश ही देश के कई हिस्सों में अपने साथ तबाही लेकर आई है. पहाड़ी नालों में आये सैलाब ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के तराई इलाके में भारी तबाही मचाई है.

रातोंरात आई इस तबाही में बलरामपुर में दो दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हो गए, जिस सड़क पर गाड़ियां सरपट दौड़ती थी, आज वहां सैलाब ने कब्जा कर लिया है. राहगीर नदियों के दोनों तरफ तमाशबीन बने हुए हैं, जिन्हें सड़क पार करने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा.

इस तबाही में एसडीआरएफ की टीम ने 13 लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित निकाला, जबकि दो लोग बाढ़ के पानी में लापता हो गए. एक एम्बुलेंस बाढ़ के तेज बहाव में फंस गई, जिसमें 5 स्वास्थ्यकर्मी सवार थे.देर रात चक चले रेस्क्यू आपरेशन में एसडीआरएफ की टीम ने एम्बुलेंस में फंसे स्वास्थ्यकर्मियों को बाहर निकाला.

पहाड़ी नालों से आई आचानक बाढ़ में फंसे कुछ युवक जान बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ गए थे. सारी रात ये युवक पेड़ों पर बैठे रहे. सुबह इन युवकों को एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित स्थानो पर पहुंचाया.

उधर बाढ़ का पानी रेलवे ट्रैक पर आ जाने से 12 घंटे तक रेलमार्ग पर ट्रेनों आवाजाही ठप रही. कौवापुर और तुलसीपुर रेलवे स्टेशन के बीच रतोहा गांव के पास बाढ़ के तेज बहाव में रेलवे ट्रैक की मिट्टी धंस गई. ट्रैक दुरुस्त करने के बाद ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो सकी.

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