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बारिश व बाढ़ से और बढ़ी तबाही

नदियों में उफान की वजह से उत्तर प्रदेश के पंद्रह से ज्यादा जिलों में बाढ़ का कहर बरपा है. इन जिलों में बहने वाली नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर से आने वाले समय में भी प्रदेश को बाढ़ से राहत मिलती नहीं नजर आ रही है.

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अनूप श्रीवास्तव [Edited By: अमरेश सौरभ]लखनऊ, 31 August 2013
बारिश व बाढ़ से और बढ़ी तबाही बाढ़ से तबाही

नदियों में उफान की वजह से उत्तर प्रदेश के पंद्रह से ज्यादा जिलों में बाढ़ का कहर बरपा है. इन जिलों में बहने वाली नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर से आने वाले समय में भी प्रदेश को बाढ़ से राहत मिलती नहीं नजर आ रही है.

प्रदेश की प्रमुख नदियों में गंगा, यमुना, शारदा, घाघरा, राप्ती, रामगंगा, बेतवा और कुआनो नदी अपने पूरे उफान पर है. गंगा नदी इलाहाबाद के फाफामऊ, छतनाग, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है. वही शारदा नदी पलियाकला में, घाघरा नदी एल्गिनब्रिज बाराबंकी और तुर्तीवार में और राप्ती नदी बलरामपुर, गोरखपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. रामगंगा नदी मुरादाबाद व शाहजहांपुर में, बेतवा नदी झांसी में और बूढ़ी राप्ती नदी ककरही सिद्धार्थनगर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

वही गोमती नदी का जलस्तर भी सीतापुर, लखनऊ व सुल्तानपुर और सई नदी का जलस्तर भी लखनऊ और रायबरेली में बढ़ रहा है. बाढ़ का पानी प्रभावित जिलों के दो हजार से ज्यादा गांवो में घुस चुका है. इन जिलों में लाखों हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि बाढ़ के पानी में बरबाद हो चुकी है. साथ ही बाढ़ से पच्चीस लाख से ज्यादा की आबादी  प्रभावित हुई है. बाढ़ की वजह से अबतक 260 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें 107 लोग बाढ़ से, 105 लोग दीवार गिरने से और 48 लोगों की जान आकाशीय बिजली गिरने से जा चुकी है. साथ ही सैकड़ों की संख्या में मवेशी बाढ़ की भेंट चढ़ चुके हैं.

मौसम विभाग के मुताबिक  प्रदेश के अनेक स्थानों पर गरज व चमक के साथ वर्षा तथा अगले अगले कुछ घण्टों में प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की सम्भावना है. बाढ़ से प्रभावित जिलों की स्थिति इस प्रकार है:
बलिया
बलिया में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. जनपद में इस समय 197 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावितों की जनसख्या 268600 है. आज 70 परिवार सहित अब तक कुल 55830 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुचायां गया है. बाढ़ के कारण बलिया में अबतक 11 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

गाजीपुर
गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर घटा है, लेकिन फिर भी इस जिले में बाढ़ के पानी से चार तहसीलों के 203 गांव प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित जनसंख्या 398794 है. गाजीपुर का नगर पालिका क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित है. बाढ़ व कटान की स्थिति को देखते हुए प्रशासन नें बाढ़ चौकियां व बाढ़ शिविर चालू कर दिये हैं.

वाराणसी
वाराणसी में भी गंगा नदी का खतरे के निशान के काफी ऊपर बह रही है. बाढ़ से जनपद के 85 गांव प्रभावित हैं. प्रशासन ने 6000 लोगों सहित कुल 303153 लोगों को अब तक सुरक्षित स्थान पर पहुचाया है. 4631 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. 32 राहत शिविर खोले गये हैं. साथ ही प्रशासन द्वारा लोगों को राहत सामग्री भी बांटी जा रही है.

इलाहाबाद
गंगा और यमुना नदी का जलस्तर इलाहाबाद में फाफामऊ में खतरे के निशान से ऊपर है. बाढ़ प्रभावित 3794 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है तथा 14047 लोग राहत शिविर में हैं. प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री आदि बांटी जा रही है.

मिर्जापुर
मिर्जापुर में बहने वाली गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार गयी है. बाढ़ से जिले की तहसील सदर और चुनार के 374 गांव व 513304 जनसंख्या प्रभावित हुई थी. बाढ़ की वजह से मिर्जापुर में दस लोगों की जान जाने की खबर है.

गोरखपुर
गोरखपुर जिले में घाघरा, राप्ती तथा कुआनों नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. जिले में बाढ़ से कुल 181 गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें तहसील खजनी के 15 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ की वजह से जिले में अबतक में चौदह लोगों की मौत हो चुकी है.

बाराबंकी
बाराबंकी में एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. वर्तमान में जनपद की सिरौली गौसपुर व रामसनेहीघाट तहसील के 34 गांव व 17124 जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित हैं. प्रभावित गांव के 2346 परिवार के 8137 जनसंख्या बांध या बाढ़ राहत केन्द्र पर शरण लिये हुए हैं. साथ ही बाढ़ से अबतक 13 लोगों की जाने भी जिले में जा चुकी है.

जनपद बहराइच
घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से ऊपर है. जनपद में तहसील महसी के अनतर्गत 9 ग्राम, तहसील नानपारा के 9 ग्राम तथा तहसील कैसरगंज के 2 ग्रामों में कटान हुई है. पिछले 24 घण्टों में 14 मकान व 8 झोपड़ी कटकर बाढ़ से नष्ट हो गयी है. अब तक जनपद में कुल 448 मकान व 580 झोपडी कटकर नदी में समाहित हो गये हैं. बाढ़ से प्रभावित 1028 परिवार को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. बहराइच में भी आठ लोगों की जान जा चुकी है.

फैजाबाद
वर्तमान में अयोध्या में घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है. जनपद की तहसील सदर के गांव मांझा मड़ना, मांझा मूडीडीहा, मांझा पिपरी संग्राम, मांझा पूरे चेतन, मांझा काजीपुर, मांझा रामपुर पुवारी, मांझा मूडाडीहा बस्ती, मांझा सलेमपुर, तहसील सोहावल के मांझाकला व मंगलसी तथा रुदौली तहसील के सण्डरी, कैथी, सरायनासिर, बरई उधरौला तथा पतइया नामक 16 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं. जनपद में 8 मेडिकल टीमें गठित की गयी हैं, जिसने आज 30 लोगों सहित अब तक 2546 लोगों का इलाज किया है.

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