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उन्नावकांडः CBI की जांच में BJP विधायक के कई सहयोगियों के नाम उजागर

उन्नाव गैंगरेप मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके सहयोगियों की मुश्किल बढ़ गई हैं. सीबीआई की जांच में कुलदीप सेंगर ने कई और सहयोगियों के नाम उजागर हुए हैं. इसके बाद से केंद्रीय जांच एजेंसी ने विधायक सेंगर के सहयोगियों से पूछताछ और मामले की पड़ताल शुरू कर दी है.

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aajtak.in
राम कृष्ण/ शि‍वेंद्र श्रीवास्तव लखनऊ, 27 May 2018
उन्नावकांडः CBI की जांच में BJP विधायक के कई सहयोगियों के नाम उजागर आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर

उन्नाव गैंगरेप मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके सहयोगियों की मुश्किल बढ़ गई हैं. सीबीआई की जांच में कुलदीप सेंगर के कई और सहयोगियों के नाम उजागर हुए हैं. इसके बाद से केंद्रीय जांच एजेंसी ने विधायक सेंगर के सहयोगियों से पूछताछ और मामले की पड़ताल शुरू कर दी है.

30 मई को हाईकोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा तय होने के बाद से सीबीआई इस मामले में दर्ज मुकदमों में अधिक से अधिक तथ्य जुटाने की कोशिश कर रही है. इसी कड़ी में जांच एजेंसी ने पीड़ित लड़की के चाचा से जून 2017 से अब तक के घटनाक्रमों की लिखित जानकारी मांगी है.

सीबीआई विधायक सेंगर के अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी. इससे पहले मामले में सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने उन्नाव की पूर्व पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि देवी से छह घंटे पूछताछ की.

इस दौरान पुष्पांजलि ने बताया कि उनको मामले की पूरी जानकारी नहीं थी. पीड़ित लड़की के पिता के खिलाफ लिखा-पढ़ी करने के बाद थानाध्यक्ष ने पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी थी.

सीबीआई उन्नाव गैंगरेप में दर्ज मुकदमों के संबंध में जिले की पूर्व एसपी नेहा पांडे से भी पूछताछ करेगी. वो फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में आईबी में तैनात हैं.

इससे पहले सीबीआई की जांच में सामने आया कि जिस दिन कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर ने पीड़ित लड़की के पिता की बेरहमी से पिटाई की, उस दिन कुलदीप सेंगर दिल्ली में थे और वहीं से ही उन्होंने माखी थाने के SO को दर्जनों फोन किए थे.

माखी थाने के तत्कालीन SO कामता प्रसाद सिंह के कॉल रिकॉर्ड्स से भी इस बात की पुष्टि हुई कि उस दिन कुलदीप सेंगर ने उन्हें हर आधे घंटे पर दर्जनों कॉल किए थे. इसके बाद CBI ने कुलदीप सेंगर के खिलाफ एक केस और दर्ज कर लिया.

सीबीआई पीड़ित लड़की की शिकायत पर कार्रवाई न करने और उसके पिता को झूठे केस में फंसाने के आरोप में तत्कालीन थानेदार कामता प्रसाद और सब इंस्पेक्टर अशोक सिंह भदौरिया को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता की बेरहमी से पिटाई

पीड़ित परिवार जब पीड़िता के पिता के साथ हुई मारपीट की शिकायत करने माखी पुलिस थाने पहुंचा, तो उल्टे पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता के पिता के खिलाफ ही आईपीसी की धाराओं 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने), 504 (शांति का उल्लंघन करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्जकर लिया और गिरफ्तार कर लिया.

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