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रामपुर: आजम की यूनिवर्सिटी पर बड़ी कार्रवाई, ड्रीम प्रोजेक्ट पर चली जेसीबी

पिछले महीने भी ऐसी ही कार्रवाई की गई थी. रामपुर जिला प्रशासन ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर 104 बीघा जमीन जब्त की. यह कार्रवाई प्रयागराज स्थित रेवेन्यू बोर्ड कोर्ट के निर्देश पर की गई.

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aajtak.in
आमिर खान रामपुर, 20 February 2020
रामपुर: आजम की यूनिवर्सिटी पर बड़ी कार्रवाई, ड्रीम प्रोजेक्ट पर चली जेसीबी आजम खान की यूनिवर्सिटी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई (फाइल फोटो)

  • जेसीबी चला कर रास्ता चौड़ा किया गया
  • नोटिस देकर प्रशासन ने की यह कार्रवाई

समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान की यूनिवर्सिटी पर गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. रामपुर में आजम खान का यह ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है जिस पर प्रशासन ने जेसीबी चलवाई है. रास्ता निकालने के लिए मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की दीवार तोड़ी गई है. जौहर यूनिवर्सिटी के पीछे की दीवार पर प्रशासन ने जेसीबी चलवा कर रास्ते को चौड़ा कर दिया है. अतिक्रमण के कारण रास्ता काफी संकरा हो गया था, इसलिए दीवार गिराकर रास्ता निकाला गया.

कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी समेत प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. इस कार्रवाई से पहले चकरोड का रास्ता देने को लेकर नोटिस भी दिया गया था. हालांकि निर्धारित समय में इसका समाधान नहीं निकल पाया. दी गई समय अवधि पूरी होने के बाद गुरुवार को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी की दीवार गिरा दी.

ये भी पढ़ें: आजम खान से छीनी जा सकती है जौहर ट्रस्ट की 66 हेक्टेयर जमीन

पहले भी हो चुकी है जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई

पिछले महीने भी ऐसी ही कार्रवाई की गई थी. रामपुर जिला प्रशासन ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर 104 बीघा जमीन जब्त की थी. यह कार्रवाई प्रयागराज स्थित रेवेन्यू बोर्ड कोर्ट के निर्देश पर की गई थी. गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी का निर्माण समाजवादी पार्टी के सांसद मोहम्मद आजम खान ने कराया है, साथ ही वह यहां के कुलाधिपति भी हैं. रेवेन्यू बोर्ड कोर्ट के अनुसार दलित किसानों के समूह से ली गई इस जमीन की खरीद फरोख्त में नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थीं.

रेवेन्यू बोर्ड में चल रहा था मामला

प्रयागराज स्थित रेवेन्यू बोर्ड में सरकारी वकील दीपक सक्सेना ने कहा था, उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम के तहत छोटे दलित भूस्वामी अपनी जमीन गैर-अनुसूचित जाति के व्यक्ति के नाम स्थानांतरित नहीं कर सकते हैं और अगर वे ऐसा करते हैं तो इसके लिए उन्हें जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होती है. वरिष्ठ सपा नेता आजम खान की ओर से संचालित जौहर ट्रस्ट ने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली थी."

ये भी पढ़ें: आजम खान के परिवार पर एक और संकट, पासपोर्ट केस में बेटे अब्दुल्लाह को पेश होने का आदेश

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