एडवांस्ड सर्च

BJP के वो चुनावी वादे जिन्हें पूरा करने में छूटेगा नई सरकार का पसीना!

चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में कई लोकलुभावन वादे किये जिसने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया. लेकिन अब बीजेपी के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है. ऐसे कई वादों को पूरा करने में बीजेपी का पसीना छूट सकता है.

Advertisement
aajtak.in [Edited By: मोहित ग्रोवर]नई दिल्ली, 14 March 2017
BJP के वो चुनावी वादे जिन्हें पूरा करने में छूटेगा नई सरकार का पसीना! नई सरकार की कठिन होगी परीक्षा !

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत लाकर इतिहास रच दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की चुनावी रणनीति और मैनेजमेंट पर एक बार फिर मुहर लगी है. पीएम मोदी ने यूपी में 20 से ज्यादा रैलियां की और हर रैली में विकास के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया. लेकिन, अब जब बीजेपी के पास प्रचंड बहुमत है और वह सरकार बनाने की तैयारी कर रही है तो बीजेपी के सामने कई चुनौतियां भी हैं. चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में कई लोकलुभावन वायदे किए जिन्होंने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया. लेकिन अब बीजेपी के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती है. क्योंकि ऐसे कई वायदों को पूरा करने में बीजेपी का पसीना छूट सकता है.

1. किसानों का कर्ज माफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रचार के समय लगभग हर रैली में इसका जिक्र किया है कि उनकी सरकार बनते ही पहली मीटिंग में उनकी पार्टी इस वादे को पूरा करेगी. इस वादे के अनुसार सभी छोटे किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा, वहीं उन्हें ब्याज मुक्त कर दिया जाएगा. वहीं गन्ना किसानों को फसल बेचने के 14 दिनों के अदंर उनका भुगतान करने का वादा बीजेपी ने किया है. गौरतलब है कि इस प्रचंड जीत के बाद बीजेपी पर इस वादे को निभाने का दबाव है, और पूरे प्रदेश समेत समूचे देश की निगाहें सरकार बनने के बाद होने वाली पहली कैबिनेट मीटिंग पर है.

2. सभी कॉलेज, यूनिवर्सिटी में फ्री वाई-फाई
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तर्ज पर बीजेपी ने भी इस बार यूपी में फ्री वाई-फाई का वादा किया. लगता है कि बीजेपी का यह वादा प्रदेश के युवाओं को काफी पसंद आया. प्रदेश के सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में फ्री वाई-फाई देना बीजेपी सरकार के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है.  इस वादे के लिए बड़े बजट के साथ ही कम समय पर इसे लागू करना उसके लिए चुनौती होगी.

3. लैपटॉप के साथ 1 जीबी डाटा
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तर्ज पर फ्री लैपटॉप का वादा और साथ ही 1 जीबी फ्री डाटा देने का वादा बीजेपी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती के रुप में उभरेगा. अखिलेश यादव ने लगातार दावा किया है कि उन्होंने 15 लाख से ज्यादा लैपटॉप बांटे हैं. इस आंकड़े की बराबरी करना बीजेपी के लिए चुनौती होगी. हालांकि बीजेपी का आरोप था कि अखिलेश सरकार ने भेदभाव के आधार पर लैपटॉप बांटे थे और वह बिना भेदभाव के साथ लैपटॉप वितरण करेगी.

4. 24 घंटे बिजली, 15 मिनट में पुलिस
उत्तर प्रदेश चुनावों के दौरान बिजली और कानून व्यवस्था सबसे बड़े मुद्दों में से एक थे. पीएम मोदी लगातार बिजली ना आने को लेकर अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधते रहे थे और अखिलेश ने हर रैली में यूपी 100 का गुणगान किया है. बीजेपी सरकार के लिए इतने बड़े प्रदेश में 24 घंटे बिजली के साथ ही कानून व्यवस्था को मजबूती देना इतना आसान नहीं होगा. बीजेपी के घोषणापत्र के मुताबिक फोन करने के 15 मिनट के अंदर पुलिस मौका-ए-वारदात पर मौजूद होगी. यह कितना सच हो पाता है यह तो सरकार आने के बाद ही पता चलेगा.

5. राम मंदिर, तीन तलाक और एंटी रोमियो दल
राम मंदिर, तीन तलाक और एंटी रोमियो दल बीजेपी के हिंदुत्व के एजेंडे के ही अलग-अलग हिस्से हैं. बीजेपी काफी समय से कहती आई है कि यूपी में पूर्ण बहुमत आने पर राम मंदिर बनाया जाएगा, हालांकि वह कहती है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही यह बनाया जाएगा. वहीं बीजेपी ने घोषणा पत्र में कहा था कि तीन तलाक के मुद्दे पर वह मुस्लिम महिलाओं से चर्चा कर इस पर फैसला लेगी, देखना होगा कि वह इस मुद्दे पर किस तरह आगे बढ़ती है. वहीं महिलाओं के प्रति छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए बीजेपी ने एंटी रोमियो दल बनाने का वादा किया था, इस वादे पर सभी की नजर है क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत पूरे सूबे में महिलाओं की सुरक्षा एक अहम मुद्दा है. इसके अलावा भी बीजेपी ने कई वादे किए हैं जिन्हें पूरा करने में बीजेपी सरकार को काफी मेहनत करनी होगी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay