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मेरठ गैंगरेप केस: नौकरी दिलाने का बहाना देकर फंसाया जाल में

मेरठ के थाना खरखौदा क्षेत्र में गैंगरेप और जबरन धर्म परिवर्तन की घटना के बाद पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे.
मेरठ गैंगरेप केस: नौकरी दिलाने का बहाना देकर फंसाया जाल में मेरठ गैंगरेप पीड़िता
उस्मान चौधरी [Edited By: अभिजीत]मेरठ, 05 August 2014

मेरठ के थाना खरखौदा क्षेत्र में गैंगरेप और जबरन धर्म परिवर्तन की घटना के बाद पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे.

पुलिस पूछताछ में पीड़ित लड़की ने गांव के ही कुछ लोगों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसे बहला-फुसलकार अपहरण किया और फिर जबरन दूसरा धर्म कबूल करवाया. पीड़िता ने साथ ही उन पर गैंग रेप का आरोप भी लगाया.

पीड़िता 2 अगस्त को किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकल कर अपने घर मेरठ आ गई और परिजनों को आप बीती सुनाई. आप बीती सुनने के बाद परिजन और बीजेपी नेता गण खरखौदा थाने में फौरन कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया जिसे मौके पर पहुंचे आलाधिकारियों ने शांत कराया.

क्या बताया पीड़िता ने
गांव सरावा की इस पीड़िता ने बताया कि गांव के ही दो युवकों ने उसे एक मदरसे में टीचर बनाने का झांसा दिया. इसके बाद इस लड़की को मदरसे में गांव के ही विशेष समुदाय के लोगों ने पैसे आदि का लालच देकर बरगलाया और उसका धर्म परिवर्तन करने का प्रयास किया. 23 जुलाई को उसे बहला-फुसलाकर हापुड़, गढ़ और बाद में मुज़फ्फरनगर में एक मदरसे में बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान उसका जबरन धर्म परिवर्तन भी करवाया गया. जब लड़की के घरवालों को लगा कि लड़की का अपहरण हो गया है तो उन्होंने थाने में लड़की की गुमशुदगी की शिकायत की. काफी तलाश करने के बाद भी लड़की नहीं मिली. फिर 2 अगस्त को वो किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकल कर अपने घर मेरठ पहुंच गई.

पीड़ित लड़की ने बताया, ‘मैं एक मदरसे में पढ़ाती थी अपने गांव में. मैं हिंदी अंग्रेजी बच्चों को पढ़ाती थी. वहां लोग कहते थे कि जो हिंदू लोग आग में जलेंगे और मरने के बाद भी दोजख की आग में जलेंगे. तुम अल्लाह को नहीं मानते और मूर्ति की पूजा करते हो.’

पीड़ित ने बताया, ‘मैंने आठ महीने तक वहां पढ़ाया फिर वो लोग मुझे 23 तारीख को कई जगहों पर ले गए. पहले हापुड़ फिर दोपाई, फिर वो मुझे अपने ससुराल ले गए. फिर मुझे मुजफ्फरनगर ले जाया गया.’ वहां और भी लड़कियां थी यह पूछने पर पीड़िता ने बताया, ‘मुझे उन्होंने लड़कियां नहीं दिखाई लेकिन वो बहुत बड़ा मदरसा था, नीचे तहखाने भी थे. वहां पर मुझे एक कमरे में बंद कर रखा था.

पीड़ित के पिता ने बताया, ‘ये हमारे गांव में इस्लामिया मदरसा है. प्रधान हैं नवाब. हमारी लड़की को बुर्का ओढ़ा कर नौकरी का झांसा दिया गया. उसे डरा धमकाकर गांव से ले गए. उसे हापुड़ में एक मदरसे में ले जाया गया जहां इसका धर्म परिवर्तन कराया गया. इसके साथ रेप भी हुआ है. कई आदमी थे इसमें. यहां से उसे मुजफ्फरनगर के एक मदरसे में शिफ्ट कर दिया. यहां और भी लड़कियां हैं, उनके साथ भी यही कुछ हुआ. इन्हें विदेश भेज रहे थे.’

मामले में तीन गिरफ्तार
पुलिस ने लड़की का मेडिकल भी कराया है. एसपी देहात एमएम बेग ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा, ‘थाना खरखौदा पर जो एफआईआर दर्ज कराई गई थी उसमें पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने, अपहरण करने और धर्म परिवर्तन करनी की बात थी. हमने तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर ली है. इन्हें जेल भेजा जा रहा है. पीड़िता का मेडिकल कराया गया है. जो भी दोषी होगा उसपर कठोर कार्रवाई करेंगे. लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष खरखौदा को पद से हटा दिया गया है. जो भी शामिल होंगे सबके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.’

मामले के बाद से क्षेत्र में तनाव हो गया है. उधर, हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस पर सही कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि वो काफी समय से पुलिस को बता रहे हैं कि कुछ विशेष समुदाय के लोग बहुसंख्यक समाज की लड़कियों को बहला फुसला रहे हैं लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.

हिंदू संगठन के नेता सुदर्शन ने बताया, ‘ये पूरा मामला कई वर्ष पूर्व का है. पूरे मेरठ जोन में मदरसों का रैकेट है. लड़कियों को फुसलाकर खाड़ी देशों में सप्लाई करते हैं और देह व्यापार में हिन्दू लड़कियों को धकेलने का काम करते हैं. पुलिस प्रशासन की ढील है.’

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