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गोल्ड मेडलिस्ट छात्र ने नहीं पहना गाउन, दीक्षांत समारोह से निकाला गया

वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पांच मेधावी छात्रों ने गाउन को विदेशी परंपरा का पोषक बताकर अपना गोल्ड मेडल ठुकरा दिया. विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह में गुरुवार (28 नवंबर) की दोपहर गाउन पहनकर मेडल न लेने की जिद पर अड़े छात्रों को कार्यक्रम स्थल निकाले जाने के बाद जमकर हंगामा हुआ.

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aajtak.in
आशीष मिश्रवाराणसी, 29 November 2013
गोल्ड मेडलिस्ट छात्र ने नहीं पहना गाउन, दीक्षांत समारोह से निकाला गया उत्तर प्रदेश

वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पांच मेधावी छात्रों ने गाउन को विदेशी परंपरा का पोषक बताकर अपना गोल्ड मेडल ठुकरा दिया. विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह में गुरुवार (28 नवंबर) की दोपहर गाउन पहनकर मेडल न लेने की जिद पर अड़े छात्रों को कार्यक्रम स्थल निकाले जाने के बाद जमकर हंगामा हुआ.

प्रशासन की सख्ती से नाराज सर्वाधिक नौ स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाले मेधावी सुमन चंद्र पंत समेत बड़ी संख्या में छात्रों ने दीक्षांत समारोह का बहिष्कार कर दिया. विश्वविद्यालय के मुख्य भवन के सामने कुछ छात्र धरने पर बैठ गए. उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल बी. एल. जोशी की फ्लीट के आगे लेटने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया. अंतत: पांच छात्रों ने मेडल नहीं लिया.

समारोह में राज्यपाल के आगमन से पहले ही संचालन कर रहे तुलनात्मक धर्म दर्शन के विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीश शुक्ल ने चेताया कि निर्धारित दीक्षांत परिधान में जो छात्र नहीं होंगे, उन्हें गोल्ड मेडल के लिए मंच पर आमंत्रित करना संभव नहीं हो सकेगा. सर्वाधिक नौ गोल्ड मेडल जीतने वाले सुमन चंद पंत और सिल्वर मेडल पाने वालों की सूची में शुमार विपिन कुमार द्विवेदी के अलावा डिग्री लेने आए उमेश चंद्र शुक्ल, साकेत शुक्ल धोती-कुर्ता में आए थे. उन्होंने गाउन पहनने से इनकार कर दिया था.

इन छात्रों का कहना था कि गुलामी के प्रतीक परिधान को पहनकर वे पदक नहीं लेंगे. पारंपरिक परिधान धोती-कुर्ता में ही उन्हें पदक दिया जाए. इन छात्रों की जिद तोड़वाने के लिए कुलसचिव राकेश मालापाणि, चीफ प्राक्टर केदारनाथ त्रिपाठी, निदेशक प्रकाशन पद्माकर मिश्र समेत कई अफसरों की कोशिश बेकार गई. गाउन में मेडल न लेने की जिद पर अड़े सिल्वर मेडल विजेता विपिन कुमार द्विवेदी ने अंतिम क्षणों में अपना इरादा बदल दिया.

सुमन चंद्र पंत के साथ बाहर नारेबाजी कर रहे विपिन ने ऐन वक्त पर गोल्ड मेडल विजेता समिति के अध्यक्ष प्रो. गिरजेश दीक्षित से संपर्क कर औपचारिकता पूरी की और गाउन पहनकर मंच पर पहुंचे. मेडल लेते वक्त उन्होंने मंच पर राज्यपाल के सामने ही गाउन उतार दिया. इसके साथ ही राज्यपाल से उन्होंने बताया कि सर्वाधिक स्वर्ण पदक सुमन चंद को मिलने हैं लेकिन वह गाउन में नहीं आना चाहते. उन्हें दीक्षांत मंडप से बाहर कर दिया गया है.

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