एडवांस्ड सर्च

बड़ा सवाल- कौन हैं राजा राम के वंशज, क्या कहती है 'जन्मभूमि' अयोध्या?

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर पर रोजाना सुनवाई के दौरान एक नई बहस सामने आई है. यह बहस है राम के वंशज को लेकर. सवाल है कि आज के वक्त में भी क्या राम के वंशज हैं और अगर हैं तो आखिर कौन हैं और कहां हैं?

Advertisement
कुमार अभिषेकअयोध्या, 13 August 2019
बड़ा सवाल- कौन हैं राजा राम के वंशज, क्या कहती है 'जन्मभूमि' अयोध्या? राम जन्मभूमि कार्यशाला (तस्वीर- PTI)

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर पर सुनवाई के आखिरी दौर में एक नई बहस सामने आई है. यह बहस है राम के वंशज को लेकर. सवाल है कि आज के वक्त में भी क्या राम के वंशज हैं और अगर हैं तो आखिर कौन हैं और कहां हैं ?

यूं तो देशभर से दावे हो रहे हैं, कोई राजस्थान के राजघराने से दावा कर रहा है तो कहीं जातियां दावा कर रही हैं. हालांकि, अयोध्या में दिन-रात भगवान राम की सेवा करने वाले या रामकथा कहने वालों के मुताबिक राम के वंशज तो हैं लेकिन सिर्फ दावे से नहीं होगा, उसे प्रमाणित भी करना होगा.

रामजन्म भूमि के मुख्य पुजारी सतेंद्र दास ने कहा, 'देखिए भगवान राम ने 11 हजार साल तक राज किया और उसके बाद अपने परम धाम गए. परम धाम जाने के पहले उन्होंने अपने बेटे लव और कुश को अपना साम्राज्य सौंपा था. राम के सभी भाइयों को दो-दो पुत्र थे. सबके दो-दो बेटे थे तो उनके वंश भी हैं, लेकिन प्रमाणित यह करना पड़ेगा कि कौन उनके वंशज हैं.'

प्रामाणिक तौर पर सिख वंश परंपरा में हमें गुरु नानक देव जी का एक वक्तव्य मिलता है जिसमें उन्होंने कहा है कि वह भगवान राम के वंशज हैं, यानी वंश तो है लेकिन यह वंशावली उन गुरुओं की निकल करके सामने आई है जिन्होंने ईश्वरत्व को प्राप्त किया.

दास कहते हैं कि भगवान राम के वंश को पूजना सनातन धर्म को खोजने जैसा है, क्योंकि भाइयों ने अलग-अलग नगर बसाए, अलग-अलग साम्राज्य बसाए, तो उनके वंश भी होंगे लेकिन इन वंशों को ढूंढना पड़ेगा, रिसर्च करना पड़ेगा. राम के वास्तविक वंशज होंगे तो वे सूर्यवंशी होंगे.

रामकथा वाचक रामानंद दास ने कहा, 'हमारे यहां वैदिक परंपरा में श्रीराम वंश परंपरा अक्षुण्य रही है और वंश का नाश नहीं होता इसलिए सूर्यवंश है. भगवान राम के सभी भाइयों ने अपने नामों से नगरों को बसाया. संभव है कि उस परंपरा में कुछ लोग हों जिनके पास इसे प्रमाणित करने का आधार हो.'

उन्होंने कहा, 'अपने कथाओं में हम भागवत और पुराणों का सहारा लेते हैं तो कुश की वंश परंपरा मिलती है, पुंडरीक की वंश परंपरा मिलती है, यहां सूर्यवंशी लोग मिलते हैं जो कि खुद को भगवान राम का वंशज कहते हैं. लक्ष्मण ने विदिशा नगरी मध्य प्रदेश में बसाई. वहां के लोग खुद को भगवान राम का वंशज कहते हैं.'

उन्होंने कहा, 'निश्चित तौर पर भगवान राम की वंश परंपरा है लेकिन हम लोग उन्हें ईश्वर के रूप में मानते हैं जो लोग अपने आप को सूर्यवंशी या श्री राम का वंश कहते हैं, संभव है उनके पास कोई आधार होगा, लेकिन किसी आधार पर हमारी जानकारी में ऐसा कोई नहीं है जो भगवान राम का वंशज हो.'

भगवान राम की नगरी अयोध्या में मंदिर के अलावा एक तुलसी शोध संस्थान भी है जहां राम के इतिहास और पुरातत्व पर शोध चलते रहते हैं. यहां कई ऐसी किताबें मिली हैं और लिखी गई हैं जिसमें भगवान राम की ऐतिहासिकता और पुरातात्विकता, दोनों खोजी गई हैं.

कई किताबों में इस बात का जिक्र मिलता है कि भगवान राम के बाद उनकी वंश परंपरा चली है. तुलसी शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी रामतीरथ के मुताबिक इस संस्थान के पास 63 से 65 वंशों की परंपरा और वंशावली भगवान राम की है लेकिन भगवान राम के पुत्र लव और कुश के बाद कोई वंशावली नहीं मिलती.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay