एडवांस्ड सर्च

अगर इनके घर राशन नहीं पहुंचा तो कोरोना नहीं भूख से मर जाएंगे

लखनऊ के आउटर में सीतापुर रोड पर बनी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को अपने बच्चों को आटा घोलकर पिलाना पड़ रहा है, क्योंकि घर में कुछ भी खाने के लिए नहीं है. लॉकडाउन के चलते इन लोगों के हालात बिगड़ गए हैं.

Advertisement
aajtak.in
शि‍वेंद्र श्रीवास्तव लखनऊ, 25 March 2020
अगर इनके घर राशन नहीं पहुंचा तो कोरोना नहीं भूख से मर जाएंगे झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों पर लॉकडाउन से संकट

  • प्रधानमंत्री मोदी ने 14 अप्रैल तक लॉकडाउन का किया ऐलान
  • देश में कोरोना की चपेट में आने वालों की संख्या 580 के पास

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में 21 दिन के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है, जिसका असर अभी से दिखने लगा है. इस लॉकडाउन का असर पूरे देश में सामान्य जनजीवन पर तो पड़ा ही रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा वो गरीब मजदूर इससे प्रभावित हो रहे है, जिनका जीवनयापन रोज की दिहाड़ी से होता है.

ऐसे दिहाड़ी मजदूर लॉकडाउन के चलते घर से निकल नहीं पा रहे हैं, जिसके चलते इनका कामकाज ठप हो गया है. अब इनके सामने जीवनयापन का भी संकट पैदा हो गया है. रोजाना 100-200 रुपये कमाने वाले इन दिहाड़ी मजदूरों के पास अपने बच्चों और परिवार को खिलाने के लिए राशन तक नहीं हैं.

इन मजदूरों के पास रोजमर्रा के जरूरी सामान और राशन खरीदने तक को पैसा नहीं हैं. आलम यह है कि अगर इन मजदूरों के घर राशन नहीं पहुंचाया गया, तो इनकी भूख से ही मौत हो जाएगी. कुल मिलकर लॉकडाउन में सबसे गहरी मुश्किल में रोजाना कमाकर जीवनयावन करने वाले लोग हैं.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आउटर में सीतापुर रोड पर जानकीपुरम में बनी झुग्गी-झोपड़ी में तो हालात और भी बुरे हैं. यहां ज़्यादातर रिक्शा और ठेला चलाने वाले लोग रहते हैं. पहले जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन से हालात ऐसे हो गए हैं कि इनको अपने बच्चों को आटा घोलकर पिलाना पड़ रहा है, क्योंकि घर में कुछ भी खाने के लिए नहीं है.

lucknow_1_032520124742.jpg

इस लॉकडाउन से लोग अभी से ही इतना परेशान हैं कि हिम्मत हार चुके हैं. इन लोगों को लगता है कि कोरोना से ज्यादा खतरनाक भूख है और यह पेट की भूख मार देगी. इन लोगों का कहना है कि कोरोना से ज्यादा लोग तो भुखमरी से ही मर जाएंगे.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने सार्वजनिक बंदी के साथ ऐलान किया है कि दिहाड़ी मजदूरों के लिए खाते में पैसे भेजे जाएंगे और खाने की आपूर्ति भी की जाएगी. हालांकि लखनऊ के इस इलाके में लोगों को अभी तक इसका कोई फायदा नहीं मिला है. ये लोग पेट की भूख से तड़प रहे हैं और इनका एक-एक घंटा काटना मुश्किल हो गया है.

कोरोना वायरस ने देश और दुनिया को मुश्किल में डाल दिया है. इस मुश्किल का हल भी यह है कि लोग घर से बाहर न निकलें, लेकिन अगर इस बंदी के साथ सरकार ने इन गरीबों के लिए फौरन कोई इंतजाम नहीं किए, तो वाकई हालात ज्यादा बिगड़ सकते हैं और भूख से कई लोगों की जान जा सकती है. वहीं भारत में कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या 580 के पार निकल चुकी है, जिनमें से 11 लोगों की मौत भी हो चुकी है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay