एडवांस्ड सर्च

लगातार रेप पर एक्शन मोड में आए CM योगी, अफसरों को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

अलीगढ़, कुशीनगर और हमीरपुर जिले में दुष्कर्म और हत्या की जघन्य वारदातों के बाद कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घिरी प्रदेश सरकार अब हरकत में आ गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में मुख्य सचिव, डीजीपी और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की. मुख्यमंत्री ने इन तीनों जिलों की घटनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और मामले में हुई प्रगति की समीक्षा की. प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए. अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी अभियोजन को आवश्यक बताते हुए उन्होंने प्रत्येक रेंज से नाबालिग बालिकाओं के साथ हुए जघन्य अपराधों के 10-10 मामले चिन्हित कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने के निर्देश दिए और कहा कि अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए

Advertisement
नीलांशु शुक्ला [Edited By: बिकेश तिवारी]नई दिल्ली, 10 June 2019
लगातार रेप पर एक्शन मोड में आए CM योगी, अफसरों को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश chief minister of uttar pradesh yogi adityanath meeting

उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध अचानक बढ़ गया है. अलीगढ़, कुशीनगर और हमीरपुर जिले में दुष्कर्म और हत्या की जघन्य वारदातों के बाद कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घिरी प्रदेश सरकार अब हरकत में आ गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में मुख्य सचिव, डीजीपी और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की. मुख्यमंत्री ने इन तीनों जिलों की घटनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और मामले में हुई प्रगति की समीक्षा की. प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए. अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी अभियोजन को आवश्यक बताते हुए उन्होंने प्रत्येक रेंज से नाबालिग बालिकाओं के साथ हुए जघन्य अपराधों के 10-10 मामले चिन्हित कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने के निर्देश दिए और कहा कि अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में पूर्व में महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों में संलिप्त रहे आपराधिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने के भी निर्देश दिए और एंटी रोमियो दस्ते को और सक्रिय करने को कहा. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं की गरिमा बनाए रखने तथा उन्हें हर प्रकार से सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं से छेड़खानी करने तथा उन्हें परेशान करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. एण्टी रोमियो दस्तो से जून माह में अभियान चलाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भीड़ वाले तथा संवेदनशील स्थानों पर दस्ता निरंतर सक्रिय रहे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी मात्र भी अपराध नियंत्रित करने में सहायक होती है. पेट्रोलिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने डायल 100 के वाहनों को व्यावसायिक क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर खड़ा होना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने वाहनों की रैण्डम चेकिंग को आवश्यक बताते हुए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए और अपराध नियंत्रण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्षेत्र भ्रमण को आवश्यक बताते हुए कहा कि एडीजी, आईजी एवं डीआईजी जैसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी फील्ड में भ्रमण करें. पुलिस कप्तान प्रतिदिन अलग-अलग थाना क्षेत्रों का भ्रमण करें.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कैलेंडर तैयार करने का निर्देश देते हुए कहा कि जुलाई में सभी स्कूलों में महिला कल्याण विभाग और पुलिस महिला सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के सम्बन्ध में जागरुकता अभियान संचालित करें. सीएम ने 181 और 1090 वीमेन पावर लाइन को और सुदृढ़ बनाने, मासिक समीक्षा के निर्देश दिए.

बैठक में मुख्य सचिव डॉक्टर अनूप चंद्र पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल, प्रमुख सचिव महिला कल्याण मोनिका गर्ग आदि मौजूद थे.

गौरतलब है कि अलीगढ़ में पिता द्वारा 10 हजार रुपये की उधारी नहीं चुका पाने पर ढाई साल की मासूम बच्ची की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गई थी. मासूम का क्षत-विक्षत शव उसके घर के पास ही कूड़े के पास मिला था. इस घटना के जख्म अभी हरे ही थे कि हमीरपुर और सीएम योगी की कर्म भूमि गोरखपुर मंडल के कुशीनगर जिले में दलित किशोरियों से दुष्कर्म के मामले सामने आ गए. हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे में घर के बाहर चारपाई पर सो रही 11 वर्षीय दलित किशोरी को अगवा कर दरिंदों ने दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव कब्रिस्तान के समीप झाड़ियों में फेंक दिया था. इस घटना के बाद गोरखपुर मंडल के कुशीनगर जिले के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी. आरोपों के अनुसार नाली के विवाद में 6 लोगों ने कथित रूप से 12 वर्षीय दलित बच्ची को परिजनों के सामने घर से उठा किसी अज्ञात स्थल पर ले जाकर दुष्कर्म किया. एक के बाद एक दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं के बाद लोगों ने विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन कर पीड़ितों को न्याय, आरोपियों को फांसी की सजा और महिलाओं-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी. बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं की सुरक्षा को भी मुद्दा बनाया था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay