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हैदराबाद में शाहीन बाग क्यों नहीं वाली टिप्पणी पर फंसे इमरान प्रतापगढ़ी, एफआईआर

हैदराबाद में सोमवार को सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ बुलाए गए एक मुशायरे में एक टिप्पणी करना उर्दू कवि इमरान प्रतापगढ़ी को महंगा पड़ गया. पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

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aajtak.in
आशीष पांडेय हैदराबाद, 26 February 2020
हैदराबाद में शाहीन बाग क्यों नहीं वाली टिप्पणी पर फंसे इमरान प्रतापगढ़ी, एफआईआर हैदराबाद में इमरान प्रतापगढ़ी में दर्ज हुआ केस (फाइल फोटो)

  • सोमवार को हैदराबाद में एक मुशायरे में शामिल हुए थे इमरान प्रतापगढ़ी
  • हैदराबाद पुलिस ने इमरान की टिप्पणी को लेकर दर्ज की है एफआईआर

हैदराबाद पुलिस ने जाने-माने उर्दू कवि इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ एक केस दर्ज किया है. जानकारी के मुताबिक इमरान के खिलाफ पुलिस ने यह कदम उनके एक कमेंट को लेकर उठाया है.

दरअसल, इमरान प्रतापढ़ी ने कहा था, "मुझे हैरत है, हैदराबाद में कोई शाहीन बाग क्यों नहीं है." हैदराबाद पुलिस को इमरान की यह टिप्पणी 'भड़काऊ' लगी.

पुलिस के मुताबिक इमरान की इस टिप्पणी से किसी वर्ग के भीतर डर पैदा हो सकता है. इसके साथ ही पुलिस को लगता है कि इमरान की यह टिप्पणी लोगों को जनता और सार्वजनिक शांति के खिलाफ अपराध करने के लिए प्रेरित भी करती है.

एक मुशायरे में शामिल हुए थे इमरान

आपको बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी सोमवार को हैदराबाद के एक मुशायरा में हिस्सा लेने वहां पहुंचे थे. पुलिस ने इमरान प्रतापगढ़ी के साथ ही साथ मुशायरों के आयोजकों के खिलाफ भी आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा) और 505 (1) (बी) (विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता, घॄणा या वैमनस्य की भावनाएं पैदा करने के आशय से असत्य कथन, जनश्रुति, आदि, परिचालित करना) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है.

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मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने ही दर्ज कराई एफआईआर

इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ एफआईआर किसी और ने नहीं बल्कि मुशायरे की जगह ड्यूटी पर तैनात एक सब-इंस्पेक्टर एस गुरुस्वामी ने ही दर्ज कराई है. एफआईआर में बताया गया है कि 24 फरवरी को 62 वर्षीय सैयद सलीम ने यह मुशायरा सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ बुलाया था.

मुशायरे के लिए हैदराबाद के एडिशनल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) से अनुमति भी ली गई थी. लेकिन मुशायरे के लिए पुलिस ने कुछ शर्तों के साथ ही अनुमति दी थी जिसमें कहा गया था कि मुशायरा शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच खत्म हो जाना चाहिए. इसके साथ मुशायरे में ऐसी कोई बात नहीं कही जानी चाहिए जो किसी भी व्यक्ति की भावना को ठेस पहुंचाती हो.

प्रतापगढ़ी के अलावा कुछ और लोगों ने भी दिए थे भड़काऊ भाषण

एफआईआर के मुताबिक मुशायरा शाम 6:30 के आसपास शुरु हुआ था और करीब तीन हजार लोगों मुशायरा सुनने स्टेडियम में पहुंचे थे. कार्यक्रम को 9 बजे तक खत्म करना था लेकिन यह 9 बजकर 48 मिनट तक चलता रहा. पुलिस के कार्यक्रम खत्म करने की गुजारिश करने पर भी आयोजकों ने उनकी बात नहीं मानी. एफआईआर में आगे बताया गया है कि इमरान प्रतापगढ़ी के अलावा कुछ अन्य और लोगों ने भी भड़काऊ भाषण दिए थे.

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