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आर्थिक संकट में तेलंगाना: CM, IAS, पेंशनर्स सबकी सैलरी काटने का फैसला

कोरोना का कहर अब आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है. तेलंगाना के वेतन के भुगतान पर लिए गए निर्णय के बाद राज्य के मुख्यमंत्री, राज्य मंत्रिमंडल, एमएलसी, विधायक, राज्य निगम अध्यक्ष और स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों के वेतन में 75 प्रतिशत कटौती होगी. अफसरों और कर्मचारियों के वेतन में भी भारी कटौती की गई है.

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aajtak.in
आशीष पांडेय हैदराबाद, 31 March 2020
आर्थिक संकट में तेलंगाना: CM, IAS, पेंशनर्स सबकी सैलरी काटने का फैसला कोरोना के कारण तेलंगाना की अर्थव्यस्था पर संकट मंडराया (फाइल-PTI)

  • CM, मंत्री और विधायकों की सैलरी में 75 फीसदी कटौती
  • IAS, IPS, IFS अफसरों का वेतन भी 60% कम होगा
  • पेंशन पर भी गिरी गाज, 50 फीसदी तक होगी कटौती
देशभर में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस तेलंगाना राज्य की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है. ऐसे में राज्य की आर्थिक स्थिति पर सोमवार को एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई, जिसमें वित्तीय स्थिति पर समीक्षा के बाद राज्य के मुख्यमंत्री, IAS समेत हर वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी में भारी कटौती की गई है.

आर्थिक स्थिति को सुचारू रूप से चलाए रखने के लिए राज्य सरकार को सावधानी और दूरदर्शिता के साथ काम करना होगा. प्रगति भवन में बैठक के दौरान कई अहम फैसले लिए गए जिसमें हर तबके के कर्मियों की सैलरी में कटौती की गई.

तेलंगाना के वेतन के भुगतान पर लिए गए निर्णय के बाद राज्य के मुख्यमंत्री राज्य मंत्रिमंडल, एमएलसी, विधायक, राज्य निगम अध्यक्ष और स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों के वेतन में 75 प्रतिशत कटौती होगी.

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जबकि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों के वेतन में 60 फीसदी करने का फैसला लिया गया. जबकि अन्य कैटेगरी के कर्मचारियों की सैलरी में 50 फीसदी कटौती की जाएगी. राज्य के चतुर्थ श्रेणी, आउटसोर्सिंग और अनुबंधित कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत की कटौती होगी.

यही नहीं राज्य के पेंशनर्स के पेंशन में कटौती की जा रही है. अब राज्य के हर श्रेणी के पेंशनरों के पेंशन में 50 प्रतिशत कटौती होगी. जबकि चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन में 10 प्रतिशत कटौती होगी.

सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, संस्थानों के लिए जो सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की तरह सरकारी अनुदान प्राप्त कर रहे हैं, उनके वेतन में भी कटौती की जाएगी. हालांकि वेतन में कटौती को लेकर राज्य में विरोध शुरू हो गया है.

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इस बीच विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव सरकार द्वारा राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन में कटौती को 'जल्दबाजी में लिया गया निर्णय' करार दिया और इसकी निंदा की है.

बीजेपी ने कहा कि यह किसी राज्य के लिए अंत में लिया जाने वाला फैसला है. खासकर मौजूदा संकट के यह फैसला अनुचित है. बीजेपी के कृष्णा सागर राव ने कहा कि तेलंगाना ही भारत का एकमात्र राज्य है जिसने राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन में कटौती के लिए दंडात्मक उपाय शुरू करने के लिए इस तरह के अभूतपूर्व कदम का सहारा लिया है.

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