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माखनलाल विश्वविद्यालय में घोटाला, पूर्व कुलपति सहित 20 पर FIR

मध्य प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त महानिदेशक के.एन. तिवारी ने रविवार को बताया कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हुई प्रशासनिक और आर्थिक गड़बड़ियों के मामले में कुठियाला सहित 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. कुठियाला मुख्य आरोपी हैं.

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रवीश पाल सिंह [Edited by: वरुण शैलेश]भोपाल, 14 April 2019
माखनलाल विश्वविद्यालय में घोटाला, पूर्व कुलपति सहित 20 पर FIR पूर्व कुलपति बृज किशोर कुठियाला (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में कथित तौर पर हुई प्रशासनिक और आर्थिक गड़बड़ियों के मामले में इस विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बृज किशोर कुठियाला सहित 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त महानिदेशक के.एन. तिवारी ने रविवार को बताया कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हुई प्रशासनिक और आर्थिक गड़बड़ियों के मामले में कुठियाला सहित 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. कुठियाला मुख्य आरोपी हैं.  हालांकि, उन्होंने कहा, अभी इस एफआईआर में कोई राजनेता नहीं है. इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409 और 120 (बी) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पिछले करीब 15 सालों के दौरान प्रशासनिक एवं आर्थिक अनियमितताएं हुईं, जिनकी जांच चल रही है. पिछली जनवरी में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गोपाल रेड्डी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पूर्व विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) भूपेन्द्र गुप्ता एवं संदीप दीक्षित की तीन सदस्यीय समिति गठित की थी. पिछले मार्च में इन्होंने रिपोर्ट दी थी. इस रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार दीपेंद्र सिंह बघेल से आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसमें विशेष तौर पर पिछले कुलपति कुठियाला के 2010 से लेकर 2018 के आठ साल के कार्यकाल में उनके द्वारा प्रशासनिक एवं आर्थिक अनियमितताओं की विस्तार से बताया गया था. उसके आधार पर ही रिपोर्ट दर्ज की गई है.

इसमें मुख्य आरोपी तत्कालीन कुलपति कुठियाला हैं और उनके अलावा 19 अन्य आरोपी हैं. ये सभी उसी विश्वविद्यालय के ही लोग हैं, जो गलत तरीके से नियुक्त किए गए  या जिन्होंने कुठियाला के संरक्षण में गलत तरीके से आर्थिक एवं प्रशासनिक अनियमितताएं कीं. उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए उन्होंने अपने इलाज के दौरान कुछ मेडिकल बिल रीइम्बर्स कराये थे, जिनको वह नहीं ले सकते थे.  इस मामले में उनकी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

बीजेपी ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

बीजेपी ने एफआईआर को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कांग्रेस पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है. पार्टी प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने कहा कि इस मामले में  FIR के मामले राजनीति से प्रेरित है. यह अच्छी परंपरा नहीं है. उन्होंने कहा कि देश या प्रदेश कानून सम्मत चलना चाहिए और सरकारों को व्यक्तिगत ईर्ष्या और द्वेष से मुक्त होने की शपथ दिलाई जाती है जिसका उल्लंघन कमलनाथ जी ने किया है ऐसा प्रतीत होता है, जो कि दुर्भाग्यजनक है.

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