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व्यंग्यकार श्रीलाल शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी. एल. जोशी ने हिन्दी साहित्य के नामचीन व्यंग्यकार श्रीलाल शुक्ल को साहित्य के क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की.

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aajtak.in
भाषालखनऊ, 19 October 2011
व्यंग्यकार श्रीलाल शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाजा गया उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी. एल. जोशी ने हिन्दी साहित्य के नामचीन व्यंग्यकार श्रीलाल शुक्ल को साहित्य के क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की.

श्रीलाल शुक्ल बीमार होने के कारण लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती है. इसके कारण राज्यपाल ने उन्हें वहीं जाकर सम्मानित किया. इस अवसर पर ज्ञानपीठ की ओर से प्रबंध न्यासी अखिलेश जैन भी उपस्थित थे.

श्रीलाल शुक्ल को ‘राग दरबारी’, ‘मकान’, ‘सूनी घाटी का सूरज’, ‘पहला पड़ाव’, ‘अज्ञातवास’ तथा ‘विश्रामपुर का संत’ आदि कालजयी रचनाओं के माध्यम से साहित्य जगत में अपनी एक अलहदा एवं प्रतिष्ठित पहचान बनायी है.

उन्होंने भारतीय समाज को बहुत गहराई से समझा और उसे अपनी रचनाओं में अभिव्यक्त किया. शुक्ल को साहित्य अकादमी पुरस्कार, व्यास सम्मान पद्मभूषण सहित अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है.

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