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'लव हॉर्मोन' की वजह से ही 'कुछ-कुछ होता है'

क्‍या किसी को देखकर आपको भी 'कुछ-कुछ होता है'? अगर हां, तो जान लीजिए कि इसके लिए आपके भीतर मौजूद 'लव हॉर्मोन' जिम्‍मेदार है. यही हॉर्मोन प्‍यार से जुड़ी आपकी भावनाओं को उभारने में मददगार होता है.

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aajtak.in
आज तक वेब ब्‍यूरो [Edited By: अमरेश सौरभ]नई दिल्‍ली, 13 June 2014
'लव हॉर्मोन' की वजह से ही 'कुछ-कुछ होता है' Symbolic Image

क्‍या किसी को देखकर आपको भी 'कुछ-कुछ होता है'? अगर हां, तो जान लीजिए कि इसके लिए आपके भीतर मौजूद 'लव हॉर्मोन' जिम्‍मेदार है. यही हॉर्मोन प्‍यार से जुड़ी आपकी भावनाओं को उभारने में मददगार होता है.

जिसे आप चाहते हैं, उसे देखने के बाद 'लव हॉर्मोन' केवल आपकी भावनाओं को ही सक्रिय नहीं करता, बल्कि यह पुरानी मांसपेशियों को नए की तरह काम करने में भी सहायता करता है. एक नए शोध के मुताबिक, ऑक्सिटोसिन हॉर्मोन केवल सेक्स ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों के स्वास्थ्य, रख-रखाव और मरम्मत से भी जुड़ा है.

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बार्कली के बायोइंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर और मुख्य अनुसंधानकर्ता इरिना कानबॉय ने कहा, 'हमारा अनुसंधान एक ऐसे अणु का पता लगाना था, जो बिना कैंसर के खतरे के पुरानी मांसपेशियों और अन्य उत्तकों में स्थायी रूप से नई जान फूंक दे.'

कानबॉय और उनके अनुसंधान दल ने पाया कि ऑक्सिटोसिन एक बढ़िया उम्मीदवार है, क्योंकि यह एक व्यापक स्तर का हॉर्मोन है, जो हर अंगों तक पहुंचता है और इसका संबंध किसी भी प्रकार के ट्यूमर या प्रतिरक्षा प्रणाली में हस्तक्षेप से नहीं है.

कानबॉय ने कहा, 'इसी हॉर्मोन के कारण बिल्ली के बच्चे, पिल्लों और मानव शिशुओं को देखकर आपका दिल पिघल जाता है.'

एक नए अध्ययन में यह सामने आया है कि उम्र बढ़ने के साथ चूहों के रक्त में ऑक्सिटोसिन का स्तर घटता जाता है. मांसपेशियों की मरम्मत में ऑक्सिटोसिन की भूमिका का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने एक वृद्ध चूहे की घायल मांसपेशियों की त्वचा के नीचे इस हॉर्मोन का इंजेक्शन पहले चार दिन के लिए फिर पांच दिन के लिए दिया गया.

नौ दिनों के इलाज के बाद पाया गया कि वैसे चूहे जिन्हें ऑक्सिटोसिन का इंजेक्शन दिया गया था, उनकी घायल मांसपेशियां उनकी तुलना में ज्यादा स्वस्थ थे, जिन्हें इंजेक्शन नहीं दिया गया था.

कानबॉय ने कहा, 'ऑक्सिटोसिन की कार्रवाई तेज थी. वृद्ध चूहों की मांसपेशियों की मरम्मत करने की क्षमता उन युवा चूहों की लगभग 80 फीसदी थी.'

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि युवा चूहों में ऑक्सिटोसिन के प्रभाव को अवरुद्ध करने पर उनकी मांसपेशियों की तेजी से मरम्मत करने की क्षमता जोखिम में पड़ जाती है, जैसा कि पुराने घायल उत्तकों में देखा गया है. उन्होंने उल्लेख किया कि हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के लिए ऑक्सिटोसिन एक जीवनदायी विकल्प हो सकता है.

नेचर जर्नल कम्यूनिकेशन में प्रकाशित इस अध्ययन में यह भविष्यवाणी की गई है कि स्वस्थ मांसपेशियों के अतिरिक्त ऑक्सिटोसिन हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार और मोटापे से मुकाबले में भी मददगार साबित होगा.

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