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पायलट से बात नहीं कर रहा कांग्रेस नेतृत्व, गहलोत ने दिलाया भरोसा- मैं कमलनाथ नहीं

सचिन पायलट को लेकर अशोक गहलोत चाहते हैं कि उनसे कोई बातचीत नहीं की जाए. और उनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए. अशोक गहलोत तीन दिनों से इस बात पर अड़े हुए हैं कि सचिन पायलट से कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए.

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aajtak.in
शरत कुमार जयपुर, 13 July 2020
पायलट से बात नहीं कर रहा कांग्रेस नेतृत्व, गहलोत ने दिलाया भरोसा- मैं कमलनाथ नहीं राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट (फाइल फोटो)

  • सचिन पायलट की नहीं हो पाई कांग्रेस नेतृत्व से बात
  • अशोक गहलोत नहीं चाहते आलाकमान पायलट से करे बात

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गया है. सचिन पायलट की तो यहां तक खबर आ रही है कि वो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. सचिन पायलट का दावा कि उनके साथ 30 विधायक हैं. अगर 30 विधायकों बीजेपी में जाते हैं तो गहलोत सरकार पर संकट आना तय है. लेकिन सीएम गहलोत ने पार्टी आलाकमना को भरोसा दिलाया है कि वो कमलनाथ नहीं हैं और अपनी सरकार बचा लेंगे.

दरअसल, नाराज चल रहे सचिन पायलट पार्टी नेतृत्व से मुलाकात करने के लिए रविवार को दिल्ली पहुंचे. हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई. कांग्रेस नेतृत्व अगर सचिन पायलट से बात नहीं कर रहा है तो इसके पीछे अशोक गहलोत हैं.

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गहलोत नहीं चाहते सचिन पायलट से हो बात

सचिन पायलट को लेकर गहलोत चाहते हैं कि उनसे कोई बातचीत नहीं की जाए. और उनको बाहर का रास्ता दिखाया जाए. अशोक गहलोत तीन दिनों से इस बात पर अड़े हुए हैं कि सचिन पायलट से कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए. जिसकी वजह से पार्टी आलाकमान सचिन पायलट से बातचीत नहीं कर पा रहा है.

अशोक गहलोत पार्टी आलाकमान से कह रहे हैं कि वो कमलनाथ नहीं हैं. सरकार बचा लेंगे. आप सचिन पायलट से कोई बातचीत नहीं करिए. उनको और उनके समर्थकों को उनका रास्ता तय करने दीजिए. अशोक गहलोत ने यहां तक कहा कि वो किसी भी विधायक को किसी भी होटल में ठहराने नहीं जा रहे हैं. आज 10.30 बजे विधायक दल की बैठक होगी और साबित कर दूंगा हमारे पास बहुमत है.

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गहलोत के इसी भरोसे के कारण कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट से बात नहीं कर पा रहा है. गहलोत लगातार आलाकमान पर दबाव बनाए हुए हैं. अशोक गहलोत चाह रहे हैं कि पायलट से किसी तरह की बातचीत नहीं की जाए क्योंकि वह (सचिन पायलट) बीजेपी के साथ साजिश रच रहे थे, जिसके सबूत उन्होंने कांग्रेस आलाकमान को भेज दिए हैं. हालांकि ये कहना गहलोत गुट का है. लेकिन रविवार सुबह से सचिन पायलट विक्टिम कार्ड खेल रहे हैं.

अशोक गहलोत चाहते हैं कि सचिन पायलट की जल्द से जल्द कांग्रेस से विदाई हो जाए. जिसके बाद वो कांग्रेस को संभाल लें. यही वजह है कि गुरुग्राम में बैठे प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट से दिल्ली में बैठा पार्टी नेतृत्व बात नहीं कर पा रही हैं.

आजतक को दिए एक इंटरव्यू में अशोक गहलोत ने कहा था कि बातचीत के लिए आलाकमान है. मतभेद सबमें होते हैं, लेकिन इसका मतलब गद्दारी नहीं होनी चाहिए. हालांकि, गहलोत ने सचिन पायलट का नाम नहीं लिया था. गहलोत शनिवार को ही रास्त तय कर चुके थे. और आज बाकी का फासला सचिन पायलट ने तय कर दिया. तो अब ये साफ है कि कांग्रेस में दोनों में से एक ही रहेगा.

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