एडवांस्ड सर्च

वसुंधरा का बंगला बचाने के लिए नियमों में बदलाव करेगी गहलोत सरकार

सरकार की ओर से प्रदेश के महाधिवक्ता ने हाई कोर्ट को जानकारी दी कि पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया को उनका बंगला खाली करने और सुविधाओं को वापस लेने के लिए नोटिस दिया गया है. उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है. साथ ही उन्होंने यह भी कह दिया कि वरिष्ठ विधायकों को बंगले के आवंटन को लेकर भी हम एक नीति बना रहे हैं.

Advertisement
aajtak.in
शरत कुमार जयपुर, 20 January 2020
वसुंधरा का बंगला बचाने के लिए नियमों में बदलाव करेगी गहलोत सरकार राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (फाइल फोटो)

  • कंटेप्ट ऑफ कोर्ट के नोटिस पर सरकार ने दिया जवाब
  • कहा- पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया को दिया है नोटिस
  • महाधिवक्ता बोले- वरिष्ठ विधायकों के लिए बना रहे नीति

राजस्थान हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी गई सुविधाएं वापस ली जाएं. हाई कोर्ट के इस आदेश को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी लेकिन वहां भी उसे हार का सामना करना पड़ा. आदेश का अनुपालन न होने पर हाई कोर्ट ने सरकार को कंटेप्ट ऑफ कोर्ट का नोटिस थमा दिया. सोमवार को सरकार ने हाई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया.

सरकार की ओर से प्रदेश के महाधिवक्ता ने हाई कोर्ट को जानकारी दी कि पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया को उनका बंगला खाली करने और सुविधाओं को वापस लेने के लिए नोटिस दिया गया है. उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है. साथ ही उन्होंने यह भी कह दिया कि वरिष्ठ विधायकों को बंगले के आवंटन को लेकर भी हम एक नीति बना रहे हैं. यानी साफ हो गया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से उनका 13 सिविल लाइंस का बंगला नहीं छीन ना चाहते, बल्कि वरिष्ठ विधायकों के आवास आवंटन की नीति के नाम पर वह बंगला उन्हें ही आवंटित करना चाहते हैं.

वसुंधरा ने बना दिया था सीएम आवास

वसुंधरा राजे ने मुख्यमंत्री रहते हुए बंगले को मुख्यमंत्री आवास में तब्दील कर दिया था. उसके बाद से ही इसे लेकर हंगामा मचता रहा है. सीएम अशोक गहलोत पर यह आरोप लगता रहा है कि वह वसुंधरा राजे का यह बंगला वापस नहीं लेना चाहते. इसे लेकर उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साध चुके हैं.

बेनीवाल ने दी है आंदोलन की धमकी

नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने तो धमकी दे दी है कि अगर वसुंधरा राजे का बंगला खाली नहीं कराया गया तो वह आंदोलन करेंगे. बता दें कि राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार मिलापचंद डांडिया ने राजस्थान हाई कोर्ट में यह याचिका लगाई थी कि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत ने मिलकर पूर्व मुख्यमंत्रियों को जीवन भर के लिए बंगला आवंटन और सुविधा लेने का बिल पास करा लिया है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने इसे समानता के अधिकार के खिलाफ बताकर रद्द कर दिया था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay