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राजस्थानः BJP ने की विशेष सत्र बुलाने की मांग, गृह मंत्रालय छोड़ें CM गहलोत

राजस्थान में दुष्कर्म और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं को लेकर बीजेपी ने राज्य की अशोक गहलोत सरकार पर जमकर हमला बोला है. बीजेपी ने मांग की है कि यदि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश की जनता को भरोसा नहीं दिला सकते तो उन्हें गृह मंत्रालय का पद छोड़ देना चाहिए.

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aajtak.in
देव अंकुर जयपुर, 03 December 2019
राजस्थानः BJP ने की विशेष सत्र बुलाने की मांग, गृह मंत्रालय छोड़ें CM गहलोत बीजेपी ने राजस्थान के CM अशोक गहलोत पर बनाया दबाव (फाइल)

  • हाल की घटनाओं के लिए अशोक गहलोत लें जिम्मेदारीः बीजेपी
  • राज्य में 11 महीने में 1,76,000 मुकदमे, राज्य में बिगड़ी व्यवस्था

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राजस्थान में दुष्कर्म और महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं को लेकर राज्य की अशोक गहलोत सरकार पर जमकर हमला बोला है. बीजेपी की मांग है कि यदि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश की जनता को भरोसा नहीं दिला सकते तो उन्हें कम से कम गृह मंत्रालय का पद छोड़ देना चाहिए.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान एक बार फिर से शर्मसार हुआ है और यह सिलसिला रुका नहीं तो मुझे लगता है कि समाज के लिए चुनौती बनेगा ही, लेकिन सरकार के लिए भी एक बड़ी चुनौती साबित होगी. टोंक की घटना और थानागाजी की उस दुष्कर्म की घटना से मुझे लगता है कि यहां बात सियासी नहीं है. यह इतनी गंभीर बात है कि मुख्यमंत्री को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए क्योंकि खुद वह गृह मंत्री हैं.

11 महीनों में 1 लाख 76 केस

राजस्थान की बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया ने कहा कि गुजरे 11 महीनों में 1,76,000 मुकदमे, इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं. मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सियासत से बाहर आकर और व्यवहारिक तौर पर इन पूरे घटनाक्रमों पर निश्चित रूप से संज्ञान लेते हुए राजस्थान की जनता को यह भरोसा दिलवाया जाना चाहिए. यदि नहीं दिलवा सकते तो नैतिकता के आधार पर कम से कम गृह मंत्रालय तो छोड़ दें.

साथ ही बीजेपी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बहस के लिए राजस्थान विधानसभा के विशेष सत्र को बुलाने की मांग भी रखी है.

राजस्थान में पिछले 11 महीने में गहलोत सरकार के कार्यकाल के दौरान थानागाजी (अलवर) और अलीगढ़ (टोंक) मामलों के समेत कई बलात्कार के मामले सामने आए हैं.

टोंक में बच्ची के साथ दुष्कर्म

राजस्थान के टोंक जिले में शनिवार को 6 वर्ष की नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई. मासूम लड़की का दुष्कर्म करने के बाद उसका निर्मम तरीके से बेल्ट से गला घोटने की बात भी सामने आई है.

टोंक जिले की अलीगढ़ पुलिस ने इस संबंध में महेंद्र उर्फ धोलिया को गिरफ्तारी किया है. महेंद्र पर आरोप है कि उसने नशे की हालत में 6 वर्षीय नाबालिग लड़की का रेप करने के बाद हत्या कर दी थी. उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विपिन शर्मा ने भी की है.

हालांकि दुष्कर्म की घटना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्विटर के जरिए अपनी चिंता जताई थी. गहलोत ने रविवार को ट्वीट किया था, '(अलीगढ़) टोंक, राजस्थान में मासूम बच्ची के दुष्कर्म और हत्या की घटना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है. इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.'

6 वर्ष की नाबालिग लड़की टोंक जिले के अलीगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव में एक सरकारी विद्यालय में पढ़ने गई हुई थी जहां से छुट्टी होने के बाद वह घर नहीं लौटी. उसके बाद परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की पर वह नहीं मिली. रविवार को खोज के दौरान उसका शव गांव के बाहर बालाजी मंदिर के पास घनी झाड़ियों में पड़ा हुआ मिला.

बेल्ट से गला घोटकर की हत्या

जानकारी के मुताबिक 6 वर्षीय लड़की की हत्या उसी की स्कूल यूनिफॉर्म की बेल्ट से गला घोटकर कर दी गई थी. एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर तथ्य इकट्ठे किए. लड़की के शव को टोंक जिले के सआदत अस्पताल ले जाया गया. लड़की के शव के पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की बात की पुष्टि हुई है.

लड़की के परिजनों के अनुसार शनिवार को विद्यालय में खेल प्रतियोगिता के आयोजन के बाद विद्यार्थी घर के लिए रवाना हो गए थे. हालांकि लड़की का बैग स्कूल में ही पड़ा मिला है. मृत लड़की के परिवार ने बलात्कार के दोषी के लिए फांसी की सजा की मांग की है. पीड़िता की मां ने कहा है कि दोषी को इस मामले में फांसी की सजा मिलनी चाहिए.

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