एडवांस्ड सर्च

Advertisement

गुटों में बंटी राजस्थान कांग्रेस को एकता के लिए अब 'बस' का सहारा

राजस्थान चुनाव में अब लगभग 3 महीने ही शेष रह गए हैं, सत्तारुढ़ बीजेपी की तरह कांग्रेस भी चुनावी तैयारी में जुट गई है, लेकिन कांग्रेस के साथ दिक्कत यह है कि पार्टी में एकजुटता नहीं है जिसे दूर करने के लिए बस का सहारा लिया जा रहा है.
गुटों में बंटी राजस्थान कांग्रेस को एकता के लिए अब 'बस' का सहारा एकजुटता दिखाने के लिए बस का सहारा लेते कांग्रेस नेता (फोटो-शरत)
शरत कुमार [Edited by: सुरेंद्र कुमार वर्मा]जयपुर, 11 September 2018

चुनावी साल में भी खेमे में बंटी दिख रही राजस्थान कांग्रेस ने एकजुटता दिखाने के लिए नया तरीका खोज निकाला है और पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच सब कुछ सही का संदेश देने के लिए बस का सहारा ले रही है.

सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी राजस्थान कांग्रेस इस बार कोई मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहती और वह इसकी तैयारी में भी जुट गई है. नेताओं के बीच एकजुटता दर्शाने के लिए राजस्थान में जहां-जहां कांग्रेस की रैलियां हो रही है वहां पर एक ही बस में भरकर कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं को ले जाया जा रहा है.

एक साथ रैली के लिए हुए रवाना

ऐसा ही यह नजारा जयपुर में भी दिखा जब कांग्रेस के सभी बड़े नेता खासा कोठी होटल में एकत्र हुए और फिर बस में एक साथ बैठकर करौली रैली के लिए रवाना हो गए.

जयपुर के खासा कोठी से बस में कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत, राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट, कांग्रेस महासचिव सीपी जोशी, राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे और मोहन प्रकाश समेत दूसरे राज्यों के कई बड़े नेता बस से करौली के लिए रवाना हुए. करीब 4 घंटे की यात्रा सभी नेता बस में एक साथ की.

कांग्रेस मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़ में चुनावी शंखनाद करने जा रही है. भरतपुर संभाग की रैली करौली में हो रही है जिसमें वसुंधरा राजे का क्षेत्र धौलपुर भी आता है. यह इलाका कांग्रेस के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है.

कांग्रेस के पास अभी जो 19 सीटें हैं उसमें से 6 सीटें इसी क्षेत्र से है. लिहाजा पूरे दमखम के साथ कांग्रेस करौली में संकल्प रैली कर रही है.

जनता के बीच संदेश

दरअसल बस में एक साथ बस में भेजने के पीछे की रणनीति यह है कि एक तरफ तो कांग्रेस के नेताओं के एक साथ होने का संदेश कार्यकर्ताओं और जनता के बीच जाए. दूसरा यह कि अब तक रैली में शामिल होने के लिए नेतागण अलग-अलग गाड़ियों से जाते थे और अलग-अलग समय से पहुंचते थे जिससे स्वागत सत्कार करने और अन्य चीजों में देरी हो जाती थी. साथ ही जनता में गलत संदेश भी जाता था.

इस बीच राजस्थान कांग्रेस ने घोषणा की कि कांग्रेस राहुल गांधी एक बार फिर से राजस्थान में चुनावी सभा को संबोधित करने के लिए आएंगे. इस बार कांग्रेस ने अपनी सभा मेवाड़ में भी रखी है. जिसके बारे में कहा जा रहा है कि बांसवाड़ा या डूंगर दोनों में से किसी एक जगह पर राहुल गांधी की रैली हो सकती है.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay