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कोटा: कोरोना संक्रम‍ित समझ अस्पताल ने नहीं किया इलाज, तड़पते हुए तोड़ा दम, वीड‍ियो वायरल

कोटा मेडिकल कॉलेज से एक दर्दनाक घटना सामने आई है. जहां पर एक कोरोना संदिग्ध मरीज ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया. सोशल मीडिया पर मरीज की मौत का वीडियो वायरल हो रहा है, जिससे मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया है.

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aajtak.in
संजय वर्मा कोटा , 29 May 2020
कोटा: कोरोना संक्रम‍ित समझ अस्पताल ने नहीं किया इलाज, तड़पते हुए तोड़ा दम, वीड‍ियो वायरल अस्पताल में मरीज की हुई मौत (Photo Aajtak)

  • अस्पताल की बड़ी लापरवाही आई सामने
  • वार्ड में मरीज ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ा

कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में एक कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत का वीडियो सामने आया है. बताया जा रहा है कि इस मरीज की मौत 24 मई को हुई थी. वीडियो में मरीज तड़पता हुआ दिखाई दे रहा है. लेकिन अस्पताल का कोई भी स्टाफ उसकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है. बल्कि कोई उसकी मौत का वीडियो बनाता रहा.

इस वीडियो के सामने आने के बाद अब मृतक के भाई ने भी महावीर नगर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि नर्सिंग स्टाफ और एक रेजिडेंट इस वार्ड में तैनात थे. जिन्होंने तुरंत इस मरीज को देखा था, लेकिन मरीज को टीबी और अस्थमा के अटैक आ रहे थे.

मरीज की मौत का वीडियो हुआ वायरल

जानकारी के मुताबिक, कोटा के पास कैथून निवासी लालचंद को 21 मई को सांस लेने में तकलीफ हुई तो परिजनों ने ईएसआई अस्पताल में दिखाया. जहां से उन्होंने कोरोना जांच और चेस्ट एक्सरे के लिए नए अस्पताल में रेफर कर दिया. वहां से उसे कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती कर लिया. कोरोना संदिग्ध वार्ड में 23 तारीख को रात 3 बजे अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई और तड़पते हुए वह बेड से नीचे गिर गया.

वार्ड में ड्यूटी में तैनात नर्सिंग स्टाफ उस समय वहां नहीं था और मरीज ने दम तोड़ दिया, जबकि वहां पर मौजूद एक व्यक्ति इसका वीडियो बना रहा था. ऐसे में जब वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब मृतक के भाई सुरेश कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उसे मिर्गी का दौरा आया था. मेडिकल कॉलेज कोटा के प्रिंसिपल विजय सरदाना ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है. कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.

अस्पताल प्रशासन में मचा हड़कंप

मृतक के परिजनों का कहना है कि कोरोना संदिग्ध होने के कारण उसके पास किसी को नहीं रुकने दिया गया. हम उसकी कोरोना जांच की रिपोर्ट के बारे में पूछते रहे, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं दिया गया. 24 मई को हमारे पास अस्पताल से फोन आया कि आपके भाई की मौत हो गई है. शव गेट नंबर 4 से ले जाना होगा.

हम सुबह 6 बजे नए अस्पताल पहुंचे, लेकिन स्टाफ ने पर्ची पर नहीं लिखा था कि उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव है. ऐसे में हमें 6 घंटे बाद दोपहर में 12 बजे उसका शव मिला. जबकि उसकी रिपोर्ट 1 दिन पहले निगेटिव आ गई थी. परिजनों का कहना है मरीज के इलाज में पूरी तरह से लापरवाही बरती गई है. दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए.

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