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राजस्थान में गरीब सवर्ण आरक्षण के लिए जमीन और मकान का प्रावधान खत्म

राजस्थान सरकार ने दो विधानसभा उपचुनाव और स्थानीय निकाय के चुनाव से पहले सवर्णों को बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की है राज्य में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों यानी ईडब्ल्यूएस के 10 फीसदी आरक्षण के लिए अब परिवार की कुल आय ही मात्रा आधार होगी.

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aajtak.in
शरत कुमार जयपुर, 19 October 2019
राजस्थान में गरीब सवर्ण आरक्षण के लिए जमीन और मकान का प्रावधान खत्म मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो- Aajtak)

  • गलहोत सरकार ने दिया सवर्णों को बड़ा तोहफा
  • EWS को 10 फीसदी आरक्षण में बदलाव
  • परिवार की कुल आय का ही होगा आकलन

राजस्थान सरकार ने दो विधानसभा उपचुनाव और स्थानीय निकाय के चुनाव से पहले सवर्णों को बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की है राज्य में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों यानी ईडब्ल्यूएस के 10 फीसदी आरक्षण के लिए अब परिवार की कुल आय ही मात्रा आधार होगी. इसके लिए जमीन और मकान का प्रावधान खत्म कर दिया गया है.

नए नियम के अनुसार, परिवार की कुल वार्षिक आय अधिकतम आठ लाख रुपये को ही सवर्ण आरक्षण का आधार माना गया है. इससे पहले राजस्थान में बड़े शहरों में 100 वर्ग गज और छोटे शहरों में 200 वर्ग गज से ज्यादा की जमीन और शहरी क्षेत्रों में मकान होने पर आरक्षण का प्रावधान नहीं था.

सवर्णों में खुशी का माहौल

सवर्ण आरक्षण की सीमा को खत्म होने से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा मिलेगा, क्योंकि सवर्णों की मांग थी कि कई बार उनके पास पैतृक संपत्ति तो है, लेकिन पैसे नहीं है जिसकी वजह से वह गरीबी का जीवन जी रहे हैं .मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस निर्णय से सवर्णों में खुशी का माहौल है.

राज्य सरकार के अनुसार, जल्दी इसके बारे में अधिसूचना जारी कर नौकरियों में आरक्षण दिया जाएगा. ईडब्ल्यूएस आरक्षण में संपत्ति का प्रावधान जोड़ देने की वजह से गरीब सवर्णों को आरक्षण पत्र मिलने में परेशानी हो रही थी.

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