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पंजाब में लोगों की बढ़ी मुश्किलें, खेतों और स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी

भारत में इन दिनों कई क्षेत्र बारिश की मार झेल रहे हैं. तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. वहीं पंजाब को भी बारिश के कारण काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.

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aajtak.in
aajtak.in/ मनजीत सहगल पटियाला, 18 July 2019
पंजाब में लोगों की बढ़ी मुश्किलें, खेतों और स्कूलों में घुसा बाढ़ का पानी बाढ़ के कारण लोगों को नुकसान (फाइल फोटो-IANS)

भारत में इन दिनों कई क्षेत्र बारिश की मार झेल रहे हैं. तेज बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. वहीं पंजाब को भी बारिश के कारण काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.

पंजाब में इन दिनों बारिश के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो रखा है. बाढ़ का पानी घरों, दफ्तरों, स्कूलों और खेतों में घुस आया है. जलभराव के कारण कई जगहों पर स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है तो वहीं खेतों की फसलें ज्यादा पानी के कारण बर्बाद हो चुकी हैं. जलभराव के बाद बठिंडा और पटियाला में कई स्कूलों की छुट्टी कर दी गई. इसके अलावा पंजाब के कई जिलों में सैंकड़ों एकड़ खेत पानी में डूबे गए. जिससे धान की फसल बर्बाद हो गई.

राज्य में पटियाला के भुनरहेडी गांव के लगभग सारे खेत जलमग्न हैं. किसानों ने प्रति एकड़ लगभग 17 से 18 हजार रुपये का खर्चा करके धान की फसल लगाई थी लेकिन अब उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया है. खेत 4 से 5 फीट पानी में डूबे हैं और जल की निकासी की कोई जल्द उम्मीद नहीं है.

खेतों के अलावा गांव के दर्जनों घरों को जाने वाले रास्ते भी घुटने तक गहरे पानी में डूबे हैं. गांव के बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं गंदे पानी से गुजरने पर मजबूर हैं. पटियाला के इसी गांव के दो स्कूलों को बंद कर दिया गया है क्योंकि स्कूल जाने वाले रास्ते पानी में डूबे हैं. स्कूल के खेल का मैदान भी पानी से लबालब भर चुका है.

फसल तबाह

वहीं गांव की डिस्पेंसरी और यहां तक की बीडीओ का दफ्तर भी पानी में जलमग्न है. गांव के ही बलबीर चंद के खेत नहर से रिस कर आए पानी में डूब गए हैं. बलबीर के मुताबिक सिंचाई विभाग के भ्रष्ट कर्मचारियों ने गैरकानूनी तरीके से पाइप डलवाए हैं. जहां से बरसात में अक्सर पानी रिस कर फसल तबाह कर देता है. गांव के एक अन्य किसान शशिकांत शर्मा के धान के खेत भी जलमग्न हैं. उन्होंने धान की बुवाई पर 17 से 18 हजार रुपये प्रति एकड़ खर्चा किया था, जो अब पानी में बह गया है क्योंकि खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है. पानी बाहर निकलने में एक महीने का समय लेगा.

भुनरहेडी गांव के निवासी गगनदीप शर्मा के मुताबिक वॉटर लॉगिंग से बहुत दिक्कतें आ रही हैं. लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है. पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी बाढ़ जैसे हालात हैं. घग्गर नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन मुस्तैद नहीं है. जिससे आम आदमी परेशानी झेल रहा है.

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