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'रेफरेंडम 2020' को पंजाब में कोई पूछने वाला नहीं: कैप्टन अमरिंदर

लंदन के ट्रैफलगर स्क्वॉयर पर 12 अगस्त को होने वाली 'रेफरेंडम 2020 मुहिम' को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का कहना है कि वो इसको लेकर जरा भी चिंतित नहीं हैं. हम राज्य की शांति भंग होने नहींं देंगे.
'रेफरेंडम 2020' को पंजाब में कोई पूछने वाला नहीं: कैप्टन अमरिंदर कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल)
आनंद पटेल [Edited by: खुशदीप सहगल]चंडीगढ़, 10 August 2018

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि पंजाब में 'रेफरेंडम 2020 मुहिम' को कोई पूछने वाला नहीं है. कैप्टन ने लंदन के ट्रैफलगर स्क्वॉयर पर 12 अगस्त को होने वाली रैली के पीछे विदेश में रहने वाले चंद हताश सिखों को बताया जिन्हें पाकिस्तान की आईएसआई की शह हासिल है.

कैप्टन ने कहा कि इसके जरिए ये लोग बांटने वाली आवाज उठाकर पंजाब और भारत में गड़बड़ी की कोशिश करना चाहते हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि वो 12 अगस्त को लंदन में रैली जैसी गतिविधियों के पीछे हाशिए पर खड़े चंद तत्वों को मानते हैं जिन्हें लेकर वो जरा भी चिंतित नहीं हैं.

'राज्य में शांति भंग नहीं होने देंगे'

अमरिंदर सिंह ने कहा, 'वे लंबे अर्से से ऐसा कर रहे हैं और ISI के हाथों में खेल रहे है जिसका खुला एजेंडा पंजाब और भारत में गड़बड़ी पैदा करना है.' अमरिंदर के मुताबिक वो किसी को भी राज्य में शांति भंग नहीं करने देंगे.  

अमरिंदर ने कहा कि अगर ये तत्व समझते हैं कि वे यहां आएंगे और मेरे देश की शांति को भंग कर देंगे तो बड़े मुगालते में रह रहे हैं. उनके मुताबिक उन्होंने पजांब पुलिस को ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटने के लिए कहा है जो आंतकवाद को दोबारा हवा देने की कोशिश करें.

मुख्यमंत्री अमरिंदर ने बताया कि उनके 15 महीने के कार्यकाल में पुलिस ने कई आतंकी मोड्यूल्स को ध्वस्त किया है, साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थों को जब्त किया है.

'प्रमोटर्स का मकसद पैसे की उगाही'

ब्रिटेन सरकार की ओर से लंदन की रैली पर रोक लगाने से इनकार करने पर मुख्यमंत्री ने कहा, 'इससे वो चिंतित नहीं हैं. ये सिख फॉर जस्टिस (SFJ) और उनके प्रमोटर्स का पैसा उगाही का रैकेट है. पंजाब में इन्हें कोई पूछने वाला नहीं है, राज्य के लोग शांति और विकास चाहते हैं.'

मुख्यमंत्री ने SFJ को ठग संगठन बताया. अमरिंदर ने कहा कि ये संगठन कोई मानवाधिकार की गतिविधियां नहीं चलाता, इसमें ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में रहने वाले गिनती के हताश सिख ही शामिल हैं. अमरिंदर ने कहा कि ये तत्व ज़्यादा दिन तक नहीं चल सकेंगे.  

अमरिंदर ने कहा, 'हम खालिस्तानी तत्वों से निपटने के लिए तैयार है, अगर वो हथियारों के साथ आएंगे तो उन्हें यही सलाह होगी कि उन्हें नीचे डाल दें, वरना उनका हश्र वैसा ही किया जाएगा जैसा कि होना चाहिए.'

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