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पटियाला: साथी छात्रों को सस्पेंड किया तो यूनिवर्सिटी के खिलाफ धरने पर बैठे लॉ छात्र

मेस में खाने की क्लाविटी खराब होने के बाद यूनिवर्सिटी में हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है. यूनिवर्सिटी ने 6 छात्रों को सस्पेंड कर दिया है, जिसके विरोध में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्राओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है.

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aajtak.in नई दिल्ली, 19 March 2019
पटियाला: साथी छात्रों को सस्पेंड किया तो यूनिवर्सिटी के खिलाफ धरने पर बैठे लॉ छात्र पटियाला लॉ यूनिवर्सिटी में धरने पर बैठे छात्र

पंजाब में पटियाला स्थित राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों ने सोमवार को सड़क पर उतरकर जमकर नारेबाजी की. यूनिवर्सिटी के मेस में घटिया खाना परोसे जाने और चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के गलत व्यवहार को लेकर छात्रों का प्रदर्शन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा. करीब 700 छात्रों ने सोमवार को विरोध के चलते परीक्षा छोड़ दी.

वहीं, यूनिवर्सिटी ने मामले में सख्त रूख अपनाते हुए प्रदर्शन कर रहे 6 छात्रों को अस्थाई तौर से निलंबित कर दिया. इसके बाद छात्रा और भड़क गए. उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

क्या है छात्रों की मांग?

छात्रों का आरोप है कि एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर एसपी सिंह उनसे गलत व्यवहार करते हैं, अपशब्द बोलते हैं, उन्हें तुरंत यूनिवर्सिटी से सस्पेंड किया जाए. छात्रों ने एसपी सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. सुनिधि नाम की छात्रा ने कहा, ‘यूनिवर्सिटी प्रशासन हमारी सुनने को तैयार नहीं है, ऐसी तानाशाही नहीं चलेगी. हम गंदी गाली-गलौच सुनने को तैयार नहीं हैं.’

साथ ही छात्रों की मांग है कि मेस में खाने की क्वालिटी बहुत खराब है, उसे अच्छा किया जाए. मामले पर आदित्य कश्यप नाम के एक छात्र ने कहा, ‘मेस का खाना बहुत खराब है. हमने कई बार इसकी शिकायत यूनिवर्सिटी प्रशासन से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए हम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. और जो 6 छात्र सस्पेंड किए गए हैं वो भी गलत है.’ इनके अलावा छात्रों की मांग है कि सस्पेंड किए गए 6 छात्रों का सस्पेंशन तुंरत रद्द किया जाए. और परीक्षा के बाद ही इस मामले की जांच की जाए.

छात्रों के आरोप का खंडन

दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों के आरोपों का खंडन किया है. लॉ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नरेश कुमार वत्स ने कहा कि सस्पेंडेड छात्रों के खिलाफ शिकायत थी जिसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई. कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उन्हें दोषी पाया गया जिसके तहत उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात करने पर भी विद्यार्थियों में गुस्सा था.

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