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सिख फॉर जस्टिस की लंदन रैली के विरोध में पंजाब के राजनीतिक दल

सिख और जस्टिस के कर्ता-धर्ता गुर पटवन्त सिंह पनुन को आड़े हाथ लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उससे पूछा है कि वह बताएं कि सिख भारत के कौन से राज्य में बेहतर काम नहीं कर रहे हैं.

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मनजीत सहगल [Edited By: परमीता शर्मा]चंडीगढ़, 07 August 2018
सिख फॉर जस्टिस की लंदन रैली के विरोध में पंजाब के राजनीतिक दल पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)

पंजाब के राजनीतिक दलों ने पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा समर्थित संस्था सिख फॉर जस्टिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पंजाब कांग्रेस, बीजेपी और सीपीआई सिख फॉर जस्टिस द्वारा 12 अगस्त को लंदन के ट्राफलगर स्क्वायर में आयोजित की जा रही लंदन डिक्लेरेशन के खिलाफ खड़े हो गए हैं. उन्होंने सिख फॉर जस्टिस संस्था पर भारत विरोधी षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया है.

सिख और जस्टिस के कर्ता-धर्ता गुर पटवन्त सिंह पनुन को आड़े हाथ लेते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उससे पूछा है कि वह बताएं कि सिख भारत के कौन से राज्य में बेहतर काम नहीं कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने उस पर आरोप लगाया कि वह सिखों की धार्मिक भावनाएं भड़का कर उनसे पैसा इकट्ठा कर रहा है, जिससे कुछ होने वाला नहीं है क्योंकि पंजाब के लोग शांति और विकास चाहते हैं.

भाजपा ने कहा, सिखों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश

उधर भारतीय जनता पार्टी ने सिख फॉर जस्टिस को पाकिस्तान की आईएसआई का फ्रंटल ऑर्गनाइजेशन बताते हुए कहा है कि वह न केवल सिखों की भावनाओं को भड़का रहा है बल्कि रेफरेंडम के नाम पर हिंदू सिखों के भीतर वैमनस्य पैदा करने की कोशिश भी कर रहा है. भाजपा नेता विनीत जोशी ने कहा कि इससे पहले क्यूबेक और कैटेलोनिया जैसे कई देशों में रेफरेंडम की कोशिश की जा चुकी है लेकिन नतीजे शून्य रहे. उन्होंने कहा कि जब सयुंक्त राष्ट्र संघ भारत को कश्मीर के मुद्दे पर जनमत करवाने पर मजबूर नहीं कर पाया तो पंजाब के बारे में सवाल ही पैदा नहीं होता.

सीपीआई ने बताया सिख फॉर वायलेंस

उधर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने सिख फॉर जस्टिस को सिख फॉर वायलेंस का नाम देते हुए कहा कि यह संस्था कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों में बैठकर भारत के विरुद्ध षड्यंत्र रच रही है जिसे सहन नहीं किया जाएगा.

सीपीआई राष्ट्रीय काउंसिल के सदस्य डॉक्टर जोगेंद्र दयाल ने कहा कि पंजाब ने बहुत कुछ खोकर शांति हासिल की है जिसे इस राज्य के लोग आसानी से गंवाना नहीं चाहते, लेकिन विदेशों में बैठे कुछ लोग देश को बांटने की कोशिश कर रही है जिनको मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

गौरतलब है कि सिख फॉर जस्टिस नामक संस्था लंदन में 12 अगस्त को लंदन डिक्लेरेशन का आयोजित कर रही है जिसके आधार पर वह रेफरेंडम 2020 करवाना चाहती है. भारत सरकार ने इस कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की लेकिन ब्रिटेन सरकार ने इस आयोजन पर यह कहकर रोक लगाने से इंकार कर दिया कि जब तक आयोजन शांतिपूर्ण है तब तक इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती.

सूत्रों के मुताबिक सिख और जस्टिस संस्था इस कार्यक्रम के लिए बकायदा पंजाब से भर्तियां तक करती आई हैं. कुछ लोगों को मुफ्त में लंदन की हवाई यात्रा के टिकट भी दिए गए हैं.

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