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पंजाब में बैंकों की कार्रवाई से खुद को बेइज्जत महसूस कर रहे किसान

डिफॉल्टर्स में किसानों के साथ कुछ व्यापारियों की भी तस्वीरें लगाई हैं. एक व्यापारी ने बताया कि उसने बैंक से कर्ज लिया था जिसका वो लगातार ब्याज चुका रहा है, इसके बावजूद उसकी फोटो नोटिस बोर्ड पर लगा दी गई. एक और शख्स ने बताया कि उसके ऊपर ब्याज के सिर्फ 170 रुपए बाकी है, फिर भी बिना कोई नोटिस जारी किए उसकी फोटो लगा दी गई. 

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aajtak.in
खुशदीप सहगल बरनाला , 19 August 2017
पंजाब में बैंकों की कार्रवाई से खुद को बेइज्जत महसूस कर रहे किसान  डिफॉल्टर्स किसानों के लगाए पोस्टर

पंजाब में किसानों ने बैंकों की कार्रवाई के बाद खुद को बेइज्जत महसूस करना शुरू कर दिया है. दरअसल, पंजाब में बैंकों ने कर्ज वापस नहीं कर पाने वाले किसानों की तस्वीरें डिफॉल्टर के तौर पर नोटिस बोर्ड पर लगाना शुरू कर दिया है. बरनाला की तपा मंडी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने नोटिस बोर्ड पर डिफॉल्टर्स के तौर पर जिन लोगों की तस्वीरें लगाई हैं, उनमें महिलाएं भी शामिल हैं.

बैंक ने नोटिस बोर्ड पर तस्वीरों के साथ एक खाली तस्वीर भी छोड़ी हुई है. इस पर लिखा हुआ ‘अगले तुम ना बनो जी.’ भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष दर्शन सिंह ने कहा कि एक तरफ किसानों की खुदकुशी की घटनाएं सामने आ रही हैं और दूसरी ओर बैंक इस तरह के कदम उठाकर किसानों को जलील कर रहे हैं. इससे किसानों के जानने वालों में ना सिर्फ बदनामी होती है बल्कि इसका दुष्प्रभाव उनके बच्चों और अन्य परिजनों को भी सहना पड़ता है. दर्शन सिंह ने कहा कि किसान की हालत पहले ही बहुत खराब है और ऐसे हालात में कोई खुदकुशी करता है तो उसकी जिम्मेदारी बैंक के उन अधिकारियों की होगी जिन्होंने ये पोस्टर लगवाए हैं.

डिफॉल्टर्स में किसानों के साथ कुछ व्यापारियों की भी तस्वीरें लगाई हैं. एक व्यापारी ने बताया कि उसने बैंक से कर्ज लिया था जिसका वो लगातार ब्याज चुका रहा है, इसके बावजूद उसकी फोटो नोटिस बोर्ड पर लगा दी गई. एक और शख्स ने बताया कि उसके ऊपर ब्याज के सिर्फ 170 रुपए बाकी है, फिर भी बिना कोई नोटिस जारी किए उसकी फोटो लगा दी गई.      

इस मामले में बैंक का कोई अधिकारी टिप्पणी देने के लिए कैमरे के सामने नहीं आया. बरनाला के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (डेवलपमेंट) प्रवीण कुमार ने किसानों की खुदकुशी को बैंक की कार्रवाई के साथ नहीं जोड़ा जा सकता, ये अलग मुद्दा है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशों के मुताबिक कर्ज नहीं अदा नहीं करने वालों को पहले नोटिस जारी किए जाते हैं. उसी के बाद इस तरह फोटो लगाने की कार्रवाई हो सकती है. प्रवीण कुमार ने कहा कि यहां देखना होगा कि बैंक की ओर से प्रकिया का पालन किया गया या नहीं. प्रणीण कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की बात कही.  

किसानों का कहना है कि एक तरफ पंजाब में अमरिंदर सिहं सरकार किसानों के दो लाख तक के कर्ज माफ करने की बात कहती है और दूसरी तरफ बैंकों की तरफ से किसानों की छोटे कर्ज पर भी बेइज्जती की जा रही है.कुछ दिन पहले लुधियाना जिला के समराला में एसबीआई की ब्रांच ने इसी तरह किसानों की फोटो नोटिस बोर्ड पर लगाई थी. तब किसानों के रोष को देखते हुए विधायक और लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस ने बैंक की ब्रांच में पहुंच कर कड़ा ऐतराज जताया. बैंक के बड़े अधिकारियों के दखल के बाद तब नोटिस बोर्ड से किसानों की फोटो हटा दी गई थी.    

 

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