एडवांस्ड सर्च

बाघिन अवनि के एनकाउंटर में ताक पर रखे नियम, वन अधिकारी का दावा

हाल ही में जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस गोली से बाघिन की मौत हुई वह उसके अगले बायें पैर में पीछे की ओर से लगी थी. इसमें कहा गया है कि उस समय बाघिन निशानेबाज से दूसरी ओर मुड़ गई थी.

Advertisement
Assembly Elections 2018
aajtak.in [Edited by: अनुग्रह मिश्र]मुंबई, 12 November 2018
बाघिन अवनि के एनकाउंटर में ताक पर रखे नियम, वन अधिकारी का दावा मृत बाघिन अवनि (फोटो- PTI)

बाघिन अवनि को मारे जाने पर वन्यजीव प्रेमियों के बीच उपजे आक्रोश के बीच वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया जाना पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ तौर पर नजर आता है. साथ ही, इसमें यह भी पाया गया कि जब यह बाघिन निशानेबाज की दिशा से दूसरी ओर मुड़ गई थी, तभी उस पर गोली चलाई गई.

हाल ही में जारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस गोली से बाघिन की मौत हुई वह उसके अगले बायें पैर में पीछे की ओर से लगी थी. इसमें कहा गया है कि उस समय बाघिन निशानेबाज से दूसरी ओर मुड़ गई थी. रिपोर्ट में मृत बाघिन के शरीर पर बेहोश करने वाले इंजेक्शन देने के निशान पर भी संदेह प्रकट किया गया. उसके अनुसार यह राइफल से नहीं दागी गई थी.

इसमें कहा गया है कि जहां यह निशान है, वहां बाघिन की मांसपेशियों से रक्तस्राव नजर नहीं आया. सीरींज प्रोजेक्टर (राइफल) से जो सीरींज दागी जाती है, वह हमेशा लाल चकता जैसा निशान छोड़ती है जो इस मामले में नजर नहीं आता. विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ये खुलासे बड़े गंभीर हैं और कुछ लोगों को भारी पड़ सकता है.

उन्होंने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, ‘बाघ जैसे संरक्षित जंतुओं को पकड़ने या मारने से संबंधित दिशानिर्देशों का उल्लंघन स्पष्ट नजर आता है.’ जब उनसे निशानेबाज के इस दावे के बारे में पूछा गया कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी, तब उन्होंने कहा, ‘अगर यह सच है तो गोली पीछे से कैसे लगी, इंजेक्शन एक दूसरा सबूत है जो बताता है कि बाघिन को काबू में लाने के लिए पहले विकल्प के तौर पर इसका उपयोग तक नहीं किया गया.’

बाघिन को दो नवंबर को एक निशानेबाज ने यवतमाल जिले में मार डाला. निशानेबाज को राज्य सरकार ने इस काम पर लगाया था. इस बाघिन ने पिछले दो सालों में जिले के पंधारकवड़ा क्षेत्र में कथित रुप से 13 लोगों की जान ले ली थी. इस घटना के बाद राज्य सरकार आलोचनाओं से घिर गई है. बाघिन के 10-10 महीने के दो शावक हैं.

बता दें कि अवनि को मारने के लिए बकायदा एक अभियान चलाया गया था, जिसमें कई शार्प शूटर्स उसे मारने के लिए घूम रहे थे. वन विभाग के सरंक्षण में चल रहे इस अभियान के दौरान अवनि की मौत हो गई थी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अवनि का मारा जाना काफी दुखदायक है. हम इस मामले में जांच करेंगे. केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने अवति की मौत पर दुख जताते हुए महाराष्ट्र सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की थी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अवनि की मौत पर दुख जताया था. मेनका ने तो अवनि की हत्या को एक अपराध का मामला बताया था.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay