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रावेर लोकसभा सीट: बीजेपी क्या फिर जीत पाएगी?

रावेर लोकसभा सीट फरवरी 2008 में अस्तित्व में आई थी. इस सीट पर 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए और हरिभाऊ जावले यहां से जीतकर संसद पहुंचे. लेकिन अगले ही चुनाव में उन्होंने यह सीट एकनाथ खडसे की बहू रक्षा खडसे के लिए छोड़ दी.

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aajtak.in [ Edited By: आदित्य बिड़वई ]रावेर , 11 February 2019
रावेर लोकसभा सीट: बीजेपी क्या फिर जीत पाएगी? रावेर लोकसभा सीट.

उत्तर महाराष्ट्र के जलगांव जिले में आने वाली रावेर लोकसभा सीट पर इस बार कड़ी टक्कर मानी जा रही है. इस सीट पर अभी बीजेपी का कब्ज़ा है और यहां से रक्षा निखिल खडसे सांसद हैं. वो बीजेपी के दिग्गज नेता एकनाथ खडसे की बहू हैं. जमीन घोटाले में नाम आने के बाद एकनाथ खडसे को बीजेपी ने हाशिये पर ला छोड़ा.

हाल ही में उनके पार्टी छोड़ने की बातें भी सामने आई. ऐसे में बीजेपी यहां से नया चेहरा तलाश सकती है. हालांकि, जलगांव इलाके में खडसे की अच्छी पकड़ मानी जाती है. ऐसे में यदि वो पार्टी बदलते हैं तो बीजेपी को बड़ा नुकसान हो सकता है.

2008 में अस्तित्व में आई थी रावेर लोकसभा सीट....

रावेर लोकसभा सीट फरवरी 2008 में अस्तित्व में आई थी. इस सीट पर 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए और हरिभाऊ जावले यहां से जीतकर संसद पहुंचे. लेकिन अगले ही चुनाव में उन्होंने यह सीट एकनाथ खडसे की बहू रक्षा खडसे के लिए छोड़ दी.

2014 में बीजेपी की यहां हुई थी बड़ी जीत....

2014 के लोकसभा चुनाव में यहां से बीजेपी की टिकट पर रक्षा खडसे चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंची थीं. उन्हें यहां 605,452 वोट हासिल हुए. जबकि एनसीपी के मनीष जैन को केवल 287,384 वोट मिल पाए. जबकि बसपा यहां तीसरे स्थान पर रही.

ये भी पढ़ें: जलगांव लोकसभा सीट: 20 साल से BJP का गढ़, क्या जीत पाएगी कांग्रेस

एनसीपी के खाते की सीट....

महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन में चुनाव लड़ते आए हैं. पिछले दो बार यानि कि 2009 और 2014 में रावेर लोकसभा सीट एनसीपी के खाते में रही है, कांग्रेस ने यहां से अपना उम्मीदवार नहीं खड़ा किया. हालांकि, एनसीपी के प्रत्याशी यहां से पिछले दो चुनाव में अब तक नहीं जीत पाए हैं. इस बार यह चर्चा जोरों पर है कि कांग्रेस यहां से अपना दावा ठोंक सकी है.

क्या है विधानसभा सीटों की स्थिति...

रावेर लोकसभा सीट के अंतर्गत 6 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें चोपडा, रावेर, भुसावल, जामनेर, मुक्ताईनगर, मलकापुर सीटें शामिल हैं. इनमें चोपड़ा विधानसभा सीट पर शिवसेना का कब्ज़ा है. जबकि रावेर, भुसावल, जामनेर, मुक्ताईनगर और मलकापुर सीट बीजेपी के पास है.

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