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महाराष्ट्र में सियासी घमासान, देर रात शिवसेना विधायकों ने छोड़ा रिजॉर्ट

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाने के लिए कहा है. ऐसे में अब विधायक रिजॉर्ट छोड़ने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि कुछ विधायक रिजॉर्ट से निकल गए हैं.

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aajtak.in मुंबई, 14 November 2019
महाराष्ट्र में सियासी घमासान, देर रात शिवसेना विधायकों ने छोड़ा रिजॉर्ट   महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज (फोटो-पीटीआई)

  • शिवसेना ने विधायकों से अपने क्षेत्र में जाने को कहा
  • गृह मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को बताया कोरी राजनीति

महाराष्ट्र में सियासी घमासान थम नहीं रहा है. राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है. हालांकि सरकार बनाने को लेकर पार्टियों में बैठक का दौर जारी है. बुधवार को न्यूनतम साझा कार्यक्रम को लेकर एनसीपी और कांग्रेस के बीच देर रात तक बैठक हुई. वहीं, शिवसेना ने अपने विधायकों से रिजॉर्ट छोड़ने के लिए कह दिया है. उसके कई विधायक रात में रिजॉर्ट से निकल गए. इससे पहले महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल के बीच गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति शासन पर विपक्ष की प्रतिक्रिया सिर्फ कोरी राजनीति है.

रिजॉर्ट से निकले शिवसेना विधायक

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाने के लिए कहा है. ऐसे में अब विधायक रिजॉर्ट छोड़ने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि कुछ विधायक रिजॉर्ट से निकल गए हैं. वहीं, शिवसेना नेता संजय राउत ने ट्वीट कर कहा कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और अहमद पटेल के बीच मीटिंग और वादे को लेकर गलत अफवाह फैलाई जा रही है. मैं साफ कर देना चाहता हूं कि ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई. हमारी बातचीत कांग्रेस और एनसीपी के साथ चल रही है.   

देर रात तक जारी रही बैठक

न्यूनतम साझा कार्यक्रम को लेकर मुंबई में एनसीपी और कांग्रेस के बीच देर रात बैठक जारी रही. गौरतलब है कि कांग्रेस व शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने बुधवार को न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) को अंतिम रूप देने के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया, जिससे महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना के साथ गठबंधन पर चर्चा की जा सके. 

अमित शाह बोले- संख्या है तो राज्यपाल से संपर्क करें

गृहमंत्री अमित शाह ने न्यूज एजेंसी एएनआई से महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान को लेकर बातचीत की. उन्होंने कहा कि इससे पहले किसी भी राज्य में इतना समया नहीं दिया गया था. महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए 18 दिन दिए गए थे. राज्यपाल ने विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ही पार्टियों को आमंत्रित किया. सरकार बनाने को लेकर न तो हमने दावा किया, न शिवसेना और ना ही कांग्रेस और एनसीपी ने. अगर आज भी किसी पार्टी के पास संख्या है तो वह राज्यपाल से संपर्क कर सकती है. हमें शिवसेना की शर्तें मंजूर नहीं हैं.

राष्ट्रपति शासन से बीजेपी का नुकसान हुआ

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्यपाल ने उचित कदम उठाया है. आज जिसके पास बहुमत है वो राज्यपाल के पास जा सकते हैं. सबके पास समय है और कोई भी जा सकता है. राष्ट्रपति शासन से सिर्फ बीजेपी का नुकसान हुआ है. शिवसेना की शर्तें हमें मंजूर नहीं थीं. ये पहले से था कि बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार आती है तो देवेंद्र फडणवीस ही सीएम होंगे. मैं नहीं चाहता की मध्यावधि चुनाव हो. अमित शाह ने कहा कि कपिल सिब्बल जैसे वकील आरोप लगाते हैं कि उनसे मौका छीन लिया गया, ये बचकानी बातें हैं. हम सिंगल लार्जेस्ट पार्टी थे. हम अकेले सरकार नहीं बना सकते थे, इसलिए हमने मना कर दिया.

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