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स्पीकर के पद पर अपना दावा नहीं छोड़ना चाहती कांग्रेस, फिर पैदा किया सस्पेंस

शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की शुक्रवार को हुई बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने पर आम सहमति बन गई, लेकिन कांग्रेस ने पेच फंसा दिया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि बैठक अधूरी रही और शनिवार को इस पर विस्तार से बात की जाएगी.

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aajtak.in
साहिल जोशी मुंबई, 23 November 2019
स्पीकर के पद पर अपना दावा नहीं छोड़ना चाहती कांग्रेस, फिर पैदा किया सस्पेंस शरद पवार के साथ अहमद पटेल (फाइल फोटो-PTI)

  • पृथ्वीराज चव्हाण को स्पीकर बनाना चाहती है कांग्रेस
  • आम राय बनाने के लिए कांग्रेस नेताओं की बैठक आज
  • शिवसेना, कांग्रेस, NCP आज कर सकते हैं साझा कॉन्फ्रेंस

महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) आज सरकार बनाने का ऐलान कर सकती हैं. तीनों पार्टियों के बीच शुक्रवार को बैठक हुई थी, जिसमें शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बन गई है. हालांकि, कांग्रेस अभी भी असमंजस में है. दरअसल, कांग्रेस ने अपना दावा स्पीकर पद पर ठोका है, जिस पर एनसीपी की नजर है. गठबंधन की सबसे छोटी पार्टी होने के बाद भी कांग्रेस सरकार में अहम पद चाहती है.

सूत्रों का कहना है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की शुक्रवार को हुई बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने पर आम सहमति बन गई, लेकिन कांग्रेस ने पेच फंसा दिया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि बैठक अधूरी रही और शनिवार को इस पर विस्तार से बात की जाएगी. दरअसल, कांग्रेस पृथ्वीराज चव्हाण को स्पीकर बनाना चाहती है, लेकिन एनसीपी तैयार नहीं है. ऐसे में अब शनिवार को पहले कांग्रेस अपने नेताओं के साथ बैठक करेगी. इसके बाद कांग्रेस के नेता शरद पवार से मिलेंगे.

सोनिया ने फंसाया था पेच

यह पहला मौका नहीं है, जब सरकार गठन को लेकर कांग्रेस ने पेच फंसाया है. बीजेपी के साथ शिवसेना के अलग होने के बाद से कांग्रेस अपना हर कदम फूंक-फूंककर रख रही है. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पहले गठबंधन के पक्ष में नहीं थीं, लेकिन एनसीपी और विधायकों के दवाब में उन्होंने गठबंधन करने का फैसला लिया. यह फैसला करीब 15 दिनों तक चली बैठक के बाद सोनिया ने लिया.

सोनिया और पवार के बीच हुई कई बैठकें

सरकार गठन पर कांग्रेस की लेटलतीफी पर सहयोगी पार्टी एनसीपी ने सवाल उठाए थे. एनसीपी नेता अजित पवार ने कहा था कि हम तैयार हैं, कांग्रेस की ओर से देरी है. इसके बाद शरद पवार ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात भी की थी. आखिरी फैसला लेने से पहले सोनिया ने अपने सिपाहसलारों की एक बड़ी बैठक भी बुलाई. इसके बाद अपने खास अहमद पटेल को मुंबई भेजा. कांग्रेस चाहती है कि उसके साथ सरकार में छोटी पार्टी की तरह बर्ताव नहीं किया जाए.

आम राय बनाने के लिए मिलेंगे कांग्रेस नेता

तीनों दलों में कुछ मुद्दों पर रजामंदी नहीं है. तभी शुक्रवार को कोई ठोस ऐलान नहीं हुआ. अब आज शनिवार के लिए मुलाकातों का दौर खिंच गया. सबसे पहले कांग्रेस नेता मिलेंगे. इस बैठक में महाराष्ट्र सरकार में पदों को लेकर आम राय तय होगी. इसके बाद कांग्रेस नेताओं की मुलाकात शरद पवार से होगी. मुलाकात के बाद पवार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को फोन करेंगे. आम सहमति बनने पर शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस की आज मुंबई में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी.

स्पीकर नहीं मंत्रालयों को लेकर भी मतभेद

सरकार गठन के फॉर्मूले के मुताबिक, सीटों की संख्या के आधार पर शिवसेना के खाते में मुख्यमंत्री समेत 16, एनसीपी के 14 और कांग्रेस के कोटे से 12 मंत्री बन सकते हैं. हालांकि सरकार गठन की बारीकियों पर आज फिर से तीनों दलों में बातचीत होगी. सूत्रों के मुताबिक, दुविधा सिर्फ स्पीकर पद को लेकर ही नहीं बल्कि कुछ ऐसे मंत्रालय भी है जिन्हें लेकर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस में मतभेद है.

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