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मुंबई में ड्रग सप्लाई का सरगना गिरफ्तार, मेफेड्रोन से युवकों की ज़िंदगी हो रही थी बर्बाद

अभियुक्त की पहचान 38 वर्षीय परवेज खान उर्फ चिंकू पठान के तौर पर हुई. बताया गया है कि पाइधोनी पुलिस ने बीते महीने मेफेड्रोन नाम के नशीले पदार्थ के साथ जुनेद शेख के नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था.

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aajtak.in
दिव्येश सिंह मुंबई, 13 August 2019
मुंबई में ड्रग सप्लाई का सरगना गिरफ्तार, मेफेड्रोन से युवकों की ज़िंदगी हो रही थी बर्बाद ड्रग माफिया गिरफ्तार

डोंगरी पुलिस ने नशीले पदार्थ के कारोबार से जुड़े एक सरगना को गिरफ्तार किया. ये गिरफ्तारी बीते महीने डोंगरी में 30 लाख रुपए के नशीले पदार्थ की जब्ती के सिलसिले में की गई.  

अभियुक्त की पहचान 38 वर्षीय परवेज ख़ान उर्फ़ चिंकू पठान के तौर पर हुई. बताया गया है कि पाइधोनी पुलिस ने बीते महीने मेफेड्रोन नाम के नशीले पदार्थ के साथ जुनेद शेख के नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था. मेफेड्रोन को MCAT, म्याऊ म्याऊ, MD के नाम से भी जाना जाता है. उस वक्त मेफेड्रोन के सप्लायर के तौर पर परवेज़ ख़ान का नाम सामने आया था. खान तभी से फ़रार था. सोमवार को डोंगरी पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर को सूचना मिली कि ख़ान को डोंगरी के खड़क क्षेत्र में देखा गया है. पुलिस बल ने सोमवार सुबह मौके पर जाकर घेराबंदी की.  

सुबह 10 बजे के करीब खान ने पुलिस टीम को देखकर डोंगरी के इज़राइल मुहल्ला की ओर भागने लगा. खान एक जगह जाकर छिप गया. उसके बाहर खान के रिश्तेदारों और दोस्तों ने पुलिस को अंदर जाने से रोकने की कोशिश की. हिंसा पर उतारू इन लोगों ने पुलिस पर हमला भी किया. लेकिन आखिरकार पुलिस को खान को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली. खान को पाइधोनी पुलिस स्टेशन लाया गया.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, खान कुख्यात ड्रग सप्लायर है और कई मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी. उसकी गिरफ्तारी से मुंबई की गलियों में ड्रग्स की सप्लाई पर रोक लगने में मदद मिल सकती है.

MD नाम की ड्रग मुंबई की गलियों में नासूर बनी हुई है. इसने बड़ी संख्या में युवकों को लत का शिकार बनाया. कई ने तो इस लत को पूरा करने के लिए जुर्म के रास्ते को ही अपना लिया.   

ऐसे कई युवकों को पुनर्वास केंद्रों में भेजा गया. साथ ही पुलिस ने इस ड्रग के खिलाफ अभियान छेड़ दिया. मेफेड्रोन को आसानी से रसोई लैब्स में ही बनाया जा सकता है. इस नशे को सूंघने, धूम्रपान और यहां तक कि एरिएटेड ड्रिंक्स के साथ भी लिया जा सकता है.   

2013 के बाद से, दक्षिण मुंबई के कई छात्र, विशेष रूप से डोंगरी, भेंडी, नज़ारम, पाइधोनी के क्षेत्रों में मेफेड्रोन की बिक्री के बढ़ते खतरे की चपेट में आए. पहले इसे स्कूली छात्रों को ऐसी दवा बता कर बेचा जाता जिससे परीक्षा के दौरान नींद नहीं आती.  इसके दुष्प्रभाव बढ़ने पर कुछ छात्रों में मानसिक बीमारी के भी लक्षण सामने आए. कुछ को जान भी गंवानी पड़ी.

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