एडवांस्ड सर्च

Advertisement

दाभोलकर हत्याकांड के आरोपी अंदुरे ने अदालत में मनाया रक्षाबंधन

दाभोलकर हत्याकांड के आरोप सचिन अंदुरे ने रविवार को पुणे की अदालत में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया. अदालत की इजाजत से अंदुरे को उसकी साली ने वहीं पर राखी बांधी. इस दौरान आरोपी के वकील और सीबीआई के वकील के बीच जमकर बहस हुई.
दाभोलकर हत्याकांड के आरोपी अंदुरे ने अदालत में मनाया रक्षाबंधन नरेंद्र दाभोलकर (फाइल फोटो)
पंकज खेलकर [Edited By: राम कृष्ण]पुणे, 27 August 2018

सीबीआई ने रविवार को दाभोलकर हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन अंदुरे को पुणे की स्पेशल कोर्ट में पेश किया, जहां उसने रक्षाबंधन का त्योहार मनाया. इस दौरान सीबीआई के वकील विजय कुमार ढाकने ने अंदुरे की हिरासत बढ़ाने की मांग की, तो आरोपी के वकील प्रकाश सालसिंगीकर से उनकी जमकर बहस हुई.

सालसिंगीकर ने न्यायाधीश से शिकायत की कि सीबीआई के अधिकारियों ने उन्हें उनके मुवक्किल अंदुरे से मिलने नहीं दिया. कई बार फोन करने के बाद भी उनके फोन कॉल का जवाब नहीं दिया गया. नतीजन वो अपने मुवक्किल से मिल नहीं पाए. वहीं, इस आरोप का खंडन करते हुए सरकारी वकील विजय कुमार ढाकने ने कहा कि अगर आरोपी के सगे भाई उससे मिलकर जा सकते हैं, तो आरोपी के वकील को भी मुलाकात करने के लिए सीबीआई के दफ्तर आना चाहिए था.

जब सालसिंगीकर ने अदालत में मौजूद अंदुरे से पूछा कि क्या उसके भाई वाकई उससे मिले हैं, तो अंदुरे ने जवाब दिया कि उसका भाई उससे नहीं मिला है. इससे साफ हुआ कि सीबीआई के अधिकारी और उनके वकील के बीच कुछ जानकारी का आदान-प्रदान नहीं हुआ.

वहीं, सीबीआई के वकील ढाकने ने अदालत से दरख्वास्त की कि आज रक्षाबंधन का त्यौहार है. लिहाजा आरोपी अंदुरे के रिश्तेदार उसे राखी बांधना चाहती हैं, जिसकी अदालत ने इजाजत दे दी. इसके बाद सचिन अंदुरे की साली ने कटघरे के पास जाकर उसे राखी बांधी और बातचीत की. अंदुरे ने बताया कि उसने अभी तक कोई भी लिखित बयान या कबूलनामा नहीं दिया है.

अंदुरे के वकील ने कहा कि सीबीआई के अधिकारियो ने आरोपी से उनको मिलने नहीं दिया, जो अदालत की अवमानना है. इस पर आरोपी के वकील ने सीबीआई के अधिकारियों को पार्टी बनाते हुए अवमानना याचिका दाखिल की. रविवार को अदालत ने सीबीआई अधिकारियों को लिखित रूप से अतिरिक्त आदेश दिए है कि आरोपी के वकील को मिलने के लिए फोन करके समय बताया जाए. साथ ही अगली 30 तारीख तक जवाब मांगा कि आखिर आरोपी के वकील को उनके मुवक्किल से मिलने क्यों नहीं दिया गया.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay