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फडणवीस ने उद्धव सरकार पर बोला हमला- लगाए मुंबई में कम टेस्टिंग के आरोप

आजतक से बातचीत के दौरान फडणवीस ने मुंबई में कम टेस्टिंग किए जाने का आरोप भी लगाया. फडणवीस ने कहा कि मुंबई में कोरोना पॉजिटिव लोग बढ़ रहे हैं. आप अगर मई महीने के आंकड़े देखें तो मिलेगा कि एक मई से 24 तारीख तक और फेल सैंपल को अलग कर दिया जाए तो करीब 32 प्रतिशत लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.

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aajtak.in मुंबई, 28 May 2020
फडणवीस ने उद्धव सरकार पर बोला हमला- लगाए मुंबई में कम टेस्टिंग के आरोप महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो: PTI)

  • महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की आज तक से बात
  • महाराष्ट्र में कोरोना संकट को लेकर उद्धव सरकार पर बोला हमला

महाराष्ट्र में कोरोना संकट को लेकर आज तक से बात करते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी राय रखी. फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की स्थिति चिंताजनक है. राज्य में कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. आज देश के 36 से 37 प्रतिशत मरीज महाराष्ट्र के हैं. देश की 41 प्रतिशत मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं. ये नंबर लगातार बढ़ रहे हैं.

मुंबई की समस्या पर बात करते हुए फडणवीस ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि इसकी वजह यह है कि लॉकडाउन के बाद जिस तरह की सख्ती होनी चाहिए थी वो नहीं हो पाई. हालांकि अब ये बात इतिहास हो चुकी है. अब तो परिस्थितयां हमारे सामने हैं. अलग-अलग शहरों में भी कोरोना के मरीज बढ़े हैं. मुंबई की बात करें तो मुंबई में अस्पताल नहीं मिलते, बेड नहीं मिलते, एंबुलेंस नहीं मिलती. लोग रास्तों पर मर रहे हैं.

उद्धव सरकार पर हमला बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि सरकार को जो चीजें करनी चाहिए थी, वो नहीं हुई. सरकार को बताया गया था कि मामलों में तेजी आएगी, लेकिन चेतावनी के बावजूद उससे निपटने के लिए सरकार ने व्यवस्था नहीं की. सरकार ने चेतावनी को अंडरइस्टिमेट किया. मुंबई में 14 सौ से 15 सौ मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं. ऊपर से मुंबई में डॉक्टरों और नर्सेज की भी कमी हो रही है.

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आज तक से बातचीत के दौरान फडणवीस ने मुंबई में कम टेस्टिंग किए जाने का आरोप भी लगाया. फडणवीस ने कहा कि मुंबई में जिस तरह कोरोना पॉजिटिव लोग बढ़ रहे हैं. आप अगर मई महीने के आंकड़े देखें तो मिलेगा कि एक मई से 24 तारीख तक देखें और फेल सैंपल को अलग कर दिया जाए तो करीब 32 प्रतिशत लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. पिछले हफ्ते (17 मई से लेकर 24 मई तक) उससे भी ज्यादा लोग पॉजिटिव पाए गए हैं. इसका परिणाम है कि इस पर कार्रवाई करने की जगह सैंपल टेस्ट कम कराए जा रहे हैं. मुंबई में हर दिन 10 हजार सैंपल टेस्ट कराने की क्षमता है लेकिन मई के महीने में औसत टेस्टिंग साढ़े तीन हजार है. जबकि पिछले कुछ दिनों का देखेंगे तो किसी दिन 24 सौ है तो किसी दिन 26 सौ है. अब जब टेस्टिंग बढ़ानी चाहिए तो टेस्टिंग कम की जा रही है.

फडणवीस ने राज्य सरकार पर अपना हमला जारी रखते हुए कहा कि मीडिया ने महाराष्ट्र की स्थिति लगातार दिखाई. वहां लॉकडाउन का उल्लंघन बार-बार हुआ. वहां यह उल्लंघन क्यों हुआ क्योंकि सरकार की व्यवस्थाएं बेहतर नहीं थी. महाराष्ट्र में सप्लाई चेन गड़बड़ रही. महाराष्ट्र में जिनके पास राशन कार्ड था उन लोगों को राशन मई महीने में मिला. मुंबई में हॉस्पिटल में पीपीई किट इत्यादि एनजीओ दे रहे थे राज्य सरकार नहीं दे रही थी. इसीलिए स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पीड़िति हुए. पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हुए. राज्य सरकार को जो व्यवस्थाएं करनी थीं वो नहीं कर पाए. इसके साथ ही प्राइवेट अस्पतालों पर लगाम नहीं लगा पाए.

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सांसद नारायण राणे के राष्ट्रपति शासन वाली सलाह पर फडणवीस ने कहा कि हम कोई राष्ट्रपति शासन नहीं चाहते न ही हम कोई सरकार बनाने के इच्छुक भी नहीं है. अभी यह कोई राष्ट्रपति शासन या सरकार बनाने का समय नहीं है. अभी हमें मिलकर कोरोना से लड़ाई लड़नी है. ऐसे समय राज्य सरकार अस्थिर हो ऐसी परिस्थिति नहीं है. नारायण राणे ठेठ बोलने वाले नेता हैं. उन्होंने भावना में ऐसा कहा होगा. क्योंकि उन्हें लग रहा था कि सरकार ठीक ढंग से काम नहीं कर रही है. इसके साथ ही फडणवीस ने कहा कि सेंट्रल टीम की सलाह को भी दरकिनार किया गया. राज्य सरकार की ओर से जिस तेजी से निर्णय लिए जाने चाहिए वो नहीं हो पा रहा है.

सामना में बीजेपी को दी गई धमकी को लेकर फडणवीस ने कहा कि बीजेपी गीदड़भभकियों से डरने वाली नहीं है. सरकार की पार्टियों में काफी असंतोष है पहले उसे कम किया जाना चाहिए. हम जिस दिन चाहेंगे हमारे नंबर बढ़ जाएंगे. अगर इन्हें खुद पर इतना विश्वास था तो एमएलसी चुनाव में एक भी उम्मीदवार ज्यादा क्यों नहीं लड़ाया. सामना की बातों को ज्यादा सीरियसली लेनी की जरूरत नहीं है. ये सब ये लोग इसलिए कर रहे हैं ताकि कोरोना पर चर्चा न हो. कोरोना पर चर्चा से ध्यान भटकाने के लिए ये लोग ऐसे आरोप लगाते हैं लेकिन हम भटकने वाले नहीं हैं.

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सरकार की खटपट पर फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के बयान देख लीजिए, शिवसेना के नेताओं में ही अंदर-अंदर विरोध है. संजय राउत को उनसे बात करना चाहिए. हमको सरकार बनाने की कोई जल्दी नहीं है. ये अंतर्विरोधों की सरकार है. ये सरकार अपने ही अंतर्विरोध से गिरेगी. क्या करना चाहिए इस सवाल के जवाब में फडणवीस ने कहा कि जिस प्रकार महाराष्ट्र में स्प्रेड है उस हिसाब से टेस्टिंग सरकार नहीं करवा रही है. बॉलीवुड सितारों की टिप्पणी पर फडणवीस ने कहा कि जिन लोगों ने पहले सवाल उठाए अब उनका ट्विटर अकाउंट शांत है. उन्हें पता है कि अगर उन्होंने सवाल उठाए तो ट्विटर कम्युनिटी उन्हें तुरंत जवाब देगी.

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