एडवांस्ड सर्च

मोदी सरकार ने किया चंबल एक्सप्रेस-वे का ऐलान, लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार

8250 करोड़ की लागत से बनने वाला 404 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा और कानपुर को दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से सीधे जोड़ेगा. चंबल नदी के साथ बनने वाले इस एक्सप्रेस वे का सबसे बड़ा फायदा तीनों राज्यों के गरीब किसानों को होगा.

Advertisement
aajtak.in
अशोक सिंघल नई दिल्ली, 04 July 2020
मोदी सरकार ने किया चंबल एक्सप्रेस-वे का ऐलान, लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार चंबल एक्सप्रेस वे का निर्माण जल्द होगा शुरू (प्रतीकात्मक फोटो)

  • चंबल-ग्वालियर क्षेत्र को बड़ी सौगात
  • शुरू होगा चंबल एक्सप्रेस-वे का निर्माण
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश के चंबल-ग्वालियर क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए चंबल एक्सप्रेस-वे के निर्माण का फैसला किया है. 8,250 करोड़ की लागत से बनने वाला 404 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा और कानपुर को दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से सीधे जोड़ेगा. जाहिर है चंबल के इलाके को देश के सबसे पिछड़े इलाकों में से एक माना जाता है. यहां पर कई जनजाति के लोग निवास करते हैं. ऐसे में परिवहन मंत्री को उम्मीद है कि चंबल एक्सप्रेस-वे के बनने से सभी की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आएगा.

केंद्रीय मंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर चंबल एक्सप्रेस वे निर्माण की जानकारी देते हुए लिखा, 'मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. हमने कोटा राजस्थान को भिंड मध्य प्रदेश से जोड़ने वाले चंबल एक्सप्रेस-वे के निर्माण का फैसला लिया है.'

उन्होंने आगे लिखा कि 8250 करोड़ की लागत से बनने वाला 404 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा और कानपुर को दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से सीधे जोड़ेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चंबल नदी के साथ बनने वाले इस एक्सप्रेस वे का सबसे बड़ा फायदा तीनों राज्यों के गरीब किसानों को होगा. जो दिल्ली-मुंबई के बाजार में अपनी उपज सीधे बेच सकेंगे.

किसी ने हमारी सीमाओं की ओर आंख उठाकर देखा, तो उसी भाषा में देंगे जवाबः गडकरी

गडकरी ने आगे लिखा, 'चंबल के इलाके को देश के सबसे पिछड़े इलाकों में से एक माना जाता है. शियोपुर, मुरैना और आस पास के इलाकों में सहरिया जैसी कई जनजाति के लोग रहते हैं. उनकी जिंदगी बेहतर करने में यह सड़क बेहद कारगर सिद्ध होगी. इस रोड के बनने से इन इलाकों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे.'

पिछले महीने ही किया था ऐलान

केंद्रीय मंत्री ने पिछले महीने ही ऐलान करते हुए कहा था कि यदि राज्य सरकारें 'चंबल एक्सप्रेस वे' के लिए तीन महीने में भूमि अधिग्रहण कर लेती हैं तो केंद्र भूमि पूजन कर इस पर कार्य शुरू कर देगा. इस 'एक्सप्रेस वे' के दोनों ओर औद्योगिक क्लस्टर, फूड क्लस्टर एवं अलग—अलग प्रकार के क्लस्टर बनाएंगे, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा.

भोपाल में आयोजित मध्यप्रदेश जन संवाद डिजिटल रैली को नागपुर से संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा, ''मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब फिर से मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने चंबल एक्सप्रेस वे बनाने की बात मुझसे की. केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने मुझसे बार-बार कहा कि मेरे क्षेत्र में यह विकास का मार्ग बन सकता है.''

उन्होंने कहा,''शिवराज चौहान आप भूमि अधिग्रहण का काम पूरा करें. अगर आपने... भूमि देने का काम तीन महीने के अंदर कर दिया, तो मैं आपको आश्वासन देता हूं कि इसके भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री को बुलाकर एक्सप्रेस-वे के कार्य का हम शुभारंभ करेंगे. ये आपको वचन देता हूं.''

अब पावर सेक्टर में चीन को झटका देगा भारत, मंत्री बोले- सख्त करेंगे आयात के नियम

उन्होंने कहा कि एक समय डकैती के लिए प्रसिद्ध चंबल क्षेत्र में लाखों नौजवानों को रोजगार मिलेगा. बता दें, शिवराज सिंह चौहान के पिछले कार्यकाल में ‘चंबल एक्सप्रेस वे’ बनाने का फैसला लिया गया था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay