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पहली बारिश में ही बह गया पुल, 3 महीने पहले ही हुआ था उद्घाटन

साफ है कि स्थानीय विधायक की शिकायत के बावजूद जिस तरह की लापरवाही बरती गई. वह कई तरह के सवाल खड़ा करती है. चुनाव के दौराहे पर खड़ी भारतीय जनता पार्टी के लिए इस पर जवाब देना मुश्किल हो सकता है.
पहली बारिश में ही बह गया पुल, 3 महीने पहले ही हुआ था उद्घाटन पहली बारिश में ही बह गया पुल
प्रमोद भार्गव [Edited By: मोहित ग्रोवर]शिवपुरी, मध्यप्रदेश, 11 September 2018

देश के कई हिस्सों में इन दिनों लगातार पुल ढहने या टूटने की खबरें आ रही हैं. इस बार पुल बहने का हादसा चुनावी राज्य मध्यप्रदेश से सामने आया है. मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील में करोड़ों की लागत से कूनो नदी पर बना पुल पहली बारिश में ही बह गया. बताया जा रहा है कि ये पुल करीब 7 करोड़ रुपए से अधिक खर्च में बना था.

गौर करने वाली बात ये भी है कि कुछ दिन पहले ही करोड़ों रुपए की लागत से बने इस पुल का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने ही किया था. करीब 3 महीने पहले ही 29 मई 2018 को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसका लोकार्पण किया था. और लोकार्पण के कुछ ही महीनों में पुल ही बह गया. विकास के दावे करने वाली मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार पुल के बहने के बाद सवालों के कटघरे में खड़ी है.

यह पुल खरवाया और इंदुर्खी गांव को जोड़ता था, इस पुल की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे जो जिले में हुई तेज बारिश के चलते भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया. इस पुल में हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत भाजपा विधायक प्रह्लाद भारती ने की थी, लेकिन सत्तारुढ़ पार्टी के विधायक होने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई.

स्थानीय विधायक को जब पुल के घटिया निर्माण की जानकारी मिली तो उन्होंने न केवल इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों को की, बल्कि विधानसभा में भी सवाल उठाया. बावजूद इसके इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुंच कर खानापूर्ति कर काम को अंजाम दिया.

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