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MP में खुलेगा पहला निजी क्षेत्र का रेल इंजन कारखाना

देश का पहला निजी क्षेत्र का रेल इंजन बनाने का कारखाना मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के शेरपुर में स्थापित होगा. 300 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले इस कारखाने की आधारशिला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को रखी.

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aajtak.in
आईएएनएसभोपाल, 29 October 2012
MP में खुलेगा पहला निजी क्षेत्र का रेल इंजन कारखाना मध्य प्रदेश

देश का पहला निजी क्षेत्र का रेल इंजन बनाने का कारखाना मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के शेरपुर में स्थापित होगा. 300 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले इस कारखाने की आधारशिला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को रखी.

इस मौके पर मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश की हर उन संभावनाओं को तलाशा जा रहा है जिससे प्रदेश के विकास को गति मिले तथा रोजगार के अधिकाधिक अवसर प्राप्त हो सकें. उन्होंने कहा कि सरकार की इसी सोच तथा प्रयासों के चलते मध्यप्रदेश ने आर्थिक और सामाजिक विकास में नये आयाम स्थापित किए हैं.

मुख्यमंत्री चौहान ने भविष्य की चर्चा करते हुए कहा कि आने वाले चार- पांच साल के दौरान प्रदेश का आर्थिक विकास एक बदले हुए रूप में सामने आएगा. बीते कुछ सालों से राज्य ने देश - विदेश के निवेशकों को काफी लुभाया है जिसके पीछे प्रदेश की भौगोलिक स्थिति तथा खासकर एक स्थाई संवेदनशील और जनहितैशी सरकार मुख्य आधार रही है.

मुख्यमंत्री ने कारखाने के सफल होने की कामना करते हुए कहा कि यह प्रदेश के विकास को नई पहचान देने में कामयाब होगा. यह कारखाना क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

शुरूआत में कारखाना स्थापित करने वाली कंपनी दौलतराम इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर सीपी शर्मा और चेयरमैन एनआरईसीयूएसए स्टीवन लारेन बील ने सिलसिलेवार जानकारी दी. कंपनी द्वारा जिला सीहोर के शेरपुर में डीजल एण्ड इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स एवं पार्टस मेन्यूफेक्च रिंग उत्पाद हेतु 23 अक्टूबर, 2010 को खजुराहो समिट-दो में करार हुआ था. इकाई की परियोजना लागत रुपये 210 करोड़ प्रस्तावित है. इसमें से 151.45 करोड़ का स्थाई पूंजी निवेश एवं 58.55 करोड़ रुपये कार्यशील पूंजी प्रस्तावित है. कारखाना में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 1800 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है.

उल्लेखनीय है कि भारत में अभी डीजल लोकोमोटिव्स इंजनों का निर्माण चितरंजन एवं वाराणसी में सरकारी उपक्रमों (कारखानों) में होता है. निजी क्षेत्र में सीहोर जिले में प्रस्तावित उद्योग भारत में प्रथम है. जिसमें अमेरिका से नवीन टेक्नालजी के आधार पर डीजल लोकोमोटिव इंजनों का निर्माण होगा. निर्मित इंजनों में 40 प्रतिशत तक डीजल की खपत कम होगी तथा कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा.

इस मौके पर उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा ने कहा राज्य में चल रहे औद्योगिक विकास की चर्चा की.

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