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MPः वरिष्ठ अधिकारी ने PM से किया आग्रह- ‘भ्रष्ट सरकारी अफसरों पर लागू किया जाए NRC’

देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू करने की दिशा में कहीं कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. लेकिन मध्य प्रदेश सरकार में उप सचिव स्तर के एक अधिकारी ने ट्विटर पर NRC को लेकर अनोखी मांग की है.

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aajtak.in
रवीश पाल सिंह भोपाल, 16 January 2020
MPः वरिष्ठ अधिकारी ने PM से किया आग्रह- ‘भ्रष्ट सरकारी अफसरों पर लागू किया जाए NRC’ मध्य प्रदेशः पर्यावरण विभाग के उप सचिव नियाज खान

  • अफसर ने ट्विटर पर NRC को लेकर अनोखी मांग की
  • पर्यावरण विभाग में उप सचिव पद पर हैं नियाज खान

देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लागू करने की दिशा में कहीं कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है. लेकिन मध्य प्रदेश सरकार में उप सचिव स्तर के एक अधिकारी ने ट्विटर पर NRC को लेकर अनोखी मांग की है. मध्य प्रदेश के पर्यावरण विभाग में उप सचिव नियाज खान ने कहा है कि NRC भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों पर लागू किया जाना चाहिए, जिससे कि उन्हें सर्विस से हटाया जा सके.

नियाज खान ने ट्वीट की कड़ी में जो कहा, वो इस प्रकार है 'लेखक और भारतीय नागरिक होने के नाते मैं माननीय प्रधानमंत्री से इस पहलू पर विचार करने का आग्रह करता हूं. ये वक्त की तत्काल जरूरत है. सिर्फ ईमानदार लोग ही देश के नागरिक होने चाहिए. मुझ पर विश्वास कीजिए, अगर इसे सच्चे दिल से लागू किया जाए, सरकारी विभागों में अधिकतर सार्वजनिक पद खाली हो जाएंगे. ईमानदार लोगों को देश की सेवा का अवसर मिलेगा. जो कोई भी भ्रष्ट है उसे नागरिक बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. देश साफ हो जाएगा अगर ऐसे लोगों को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से अलग रखा जाए. NRC ऐसे सभी लोगों के खिलाफ होना चाहिए जिन्होंने सरकारी पैसे को चुराया है. राष्ट्र की पाई-पाई गरीब नागरिकों की है जो रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यहां तक कि बच्चों के पास तन ढकने को कपड़े नहीं है. उनकी गरीबी के लिए सरकारी विभागों में बैठे भ्रष्ट अधिकारी जिम्मेदार हैं.'

पहले भी किया था ट्वीट

ये पहली बार नहीं है कि नियाज खान ने मंत्रालय में अपने वरिष्ठ अधिकारी के कथित अभद्र व्यवहार के लिए ट्विटर पर पोस्ट अपलोड की. पहले खान ने ट्विटर पर कहा था, ‘खान उपनाम भूत की तरह उनका पीछा करता है.’ पिछले साल जुलाई में खान ने ट्विटर पर लिखा कि वे मॉब लिंचिंग से बचने के लिए अपने नाम को बदलना चाहते हैं.  

हाल में मंडला के कलेक्टर जगदीश जटिया ने फेसबुक पर CAA पर कमेंट करते हुए लिखा कि वो खुद इसका समर्थन नहीं करते. हालांकि बाद में कमेंट पर विवाद होने पर जटिया ने इसे डिलीट कर दिया.

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