एडवांस्ड सर्च

झारखंड में बुजुर्ग की भूख से मौत, तीन महीने से नहीं मिल रहा था राशन

झारखंड के लातेहार में एक शख्स की कथित तौर पर भूख से मौत की बात को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया है. राज्य की समाज कल्याण मंत्री लुइस मरांडी ने लातेहार के महुवाडाड के लुरगुमि कला में 65 वर्षीय रामचरण मुंडा की भुख से मौत होने की बात से इंकार किया है.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in रांची, 08 June 2019
झारखंड में बुजुर्ग की भूख से मौत, तीन महीने से नहीं मिल रहा था राशन सांकेतिक तस्वीर

झारखंड के लातेहार में एक शख्स की भूख से मौत की बात सामने आई है. हालांकि राज्य सरकार ने भूख से मौत को नकार दिया है. राज्य की समाज कल्याण मंत्री लुइस मरांडी ने लातेहार में 65 वर्षीय रामचरण मुंडा की भूख से मौत होने की बात से इंकार किया है. मंत्री लुइस ने कहा कि सरकार कई सारी जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है. किसी ना किसी योजना का लाभ उसे मिल रहा होगा. इसलिए इसे भूख से मौत नहीं कह सकते हैं.

मंत्री ने कहा कि मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का पता चलेगा. बताया जा रहा है कि 65 साल के रामचरण मुंडा ने तीन-चार दिनों से खाना नहीं खाया था. क्योंकि परिवार को तीन महीने से राशन नहीं मिला था. घर पर तीन दिनों से अन्न का एक दाना भी नहीं था. इतना ही नहीं कुछ दिनों से घर में चूल्हा तक नहीं जला था. हालांकि अधिकारी इस बात से इनकार कर रहे हैं कि मौत भूख से हुई है. उनका कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.

रामचरण मुंडा की बेटी ने बताया, "तीन महीने से परिवार को राशन नहीं मिला था, इसलिए मेरे पिता ने चार दिनों से कुछ नहीं खाया था." बताया जा रहा है कि राशन बांटने वाले स्थानीय डीलर ने नेटवर्क का बहाना बनाकर तीन महीने से राशन का वितरण नहीं किया था. जबकि सरकारी अधिकारी इसके पीछे कुछ और ही कारण बता रहे हैं. एसडीएम ने ट्वीट कर इस पूरे मामले पर सफाई दी है.

मौत की खबर मीडिया में आते ही आनन-फानन में प्रशासन मदद के लिए आगे आया. रामचरण मुंडा के परिजनों को अनाज और दाह संस्कार के लिए पैसे दिए गए. मुंडा की मौत जांच का विषय है. लेकिन अगर मुंडा की मौत भूख से हुई है तो यह सरकारी मशीनरी के कामकाज पर सवालिया निशान खड़ा करता है.

एक ओर तो सरकार अपनी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की बात करती है. दूसरी ओर देश में भूख से मौत हो रही है. हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे के बाद मोदी की बंपर जीत पर विशेषज्ञों ने तर्क दिया था कि मोदी की योजनाओं के कारण जीत हुई है. ऐसे में अगर वाकई भूख से मौत हो रही है तो जमीनी हकीकत कुछ और ही है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay