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झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पेश किया झारखंड में सरकार बनाने का दावा

झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से झारखंड में सरकार बनाने का दावा पेश किया गया है. झामुझो की ओर से कहा गया है कि उनके पास राज्य में सबसे अधिक विधायक हैं, इसलिए सरकार बनाने का दावा पेश किया है. इससे पहले झामुमो के नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की थी.

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Sahitya Aajtak 2018
आज तक वेब ब्यूरोरांची, 12 January 2013
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पेश किया झारखंड में सरकार बनाने का दावा झारखंड

झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से झारखंड में सरकार बनाने का दावा पेश किया गया है. झामुझो की ओर से कहा गया है कि उनके पास राज्य में सबसे अधिक विधायक हैं, इसलिए उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. इससे पहले झामुमो के नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की थी.

हेमंत सोरेन ने यहां संवाददाताओं को बताया, 'हमने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि राज्य में सरकार गठन के लिए हमें कुछ और समय दिया जाए.' हेमंत दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करने के बाद शुक्रवार रात रांची लौटे हैं.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक वैकल्पिक सरकार के गठन के बारे में निर्णय लेगी. ज्ञात हो कि 28 महीने पुरानी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली अर्जुन मुंडा सरकार उस समय गिर गई, जब आठ जनवरी को झामुमो ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया.

मुंडा मंत्रिमंडल ने राज्य विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी थी. कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई को हाईकमांड से ठोस आश्वासन अभी नहीं मिल पाया है.

राज्य के कांग्रेसी विधायक और नेता वैकल्पिक सरकार के गठन के पक्ष में हैं. झामुमो, कांग्रेस के समर्थन से राज्य में एक वैकल्पिक सरकार के गठन की सम्भावना तलाश रहा है.

झारखण्ड के कांग्रेसी विधायक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ निर्दलीय, झमुमो के नेतृत्व वाली वैकल्पिक सरकार को समर्थन दे सकते हैं. यदि ऐसी कोई व्यवस्था बनती है, तो कांग्रेस, राजद और निर्दलीय, झामुमो के साथ मिलकर 41 विधायकों का एक गठबंधन बनाने की कोशिश कर सकते हैं. दूसरी ओर 82 सदस्यीय विधानसभा में 37 सदस्य फिर से चुनाव कराए जाने के पक्ष में हैं.

अर्जुन मुंडा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर विधानसभा भंग करने की मांग के बाद राज्यपाल सैयद अहमद ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी. केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसकी पुष्टि की थी.

इससे पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल डा. सैय्यद अहमद से मुलाकात कर राज्य में विधानसभा भंग कर चुनाव कराए जाने की मांग की थी. अर्जुन मुंडा ने भी दोबारा चुनाव की मांग की थी.

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