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लोहरदगाः यहां एनडीए गठबंधन की आजसू पार्टी का विधायक है, जो तीन साल बाद जेल से निकला

जैन पुराणों के अनुसार भगवान महावीर ने लोहरदगा की यात्रा की थी. जहां भगवान महावीर रुके थे उस स्थान को लोर-ए-यादगा नाम से जाना जाता है. मुंडारी भाषा में इसका मतलब होता है आंसुओं की नदी. सम्राट अकबर पर लिखी किताब आइने अकबरी में किस्मत-ए-लोहरदगा का भी उल्लेख है.

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aajtak.in लोहरदगा, 05 October 2019
लोहरदगाः यहां एनडीए गठबंधन की आजसू पार्टी का विधायक है, जो तीन साल बाद जेल से निकला लोहरदगा जिले का लावापानी झरना, यह सात चरणों में नीचे गिरता है.

  • क्या इस बार आजसू पार्टी बचा पाएगी अपनी यह सीट?
  • दागी विधायक के बदले साफ-सुथरी छवि आएगी कुर्सी पर

वर्ष 1983 में रांची को बांटकर तीन जिले बनाए गए थे. ये जिले थे - रांची, गुमला और लोहरदगा. इतिहास में जाएं तो जैन पुराणों के अनुसार भगवान महावीर ने लोहरदगा की यात्रा की थी. जहां भगवान महावीर रुके थे उस स्थान को लोर-ए-यादगा नाम से जाना जाता है. मुंडारी भाषा में इसका मतलब होता है आंसुओं की नदी. सम्राट अकबर पर लिखी किताब आइने अकबरी में किस्मत-ए-लोहरदगा का भी उल्लेख है.

लोहरदगा दो शब्दों लोहार यानी लोहे का व्यापारी और दगा यानी लौह खनिज का केंद्र होता है. लोहरदगा जंगलों और खनिजों से भरा हुआ स्थान है. लोहरदगा को बॉक्साइट जिला भी कहा जाता है. कोयल, शंख, नंदिनी, चौपाट, फुलझर जिले की प्रमुख नदियां हैं. यहां की प्रमुख भाषण हिंदी और मुंडारी है. जिले में आदिवासी समुदाय की आबादी काफी अच्छी मात्रा में है.

लोहरदगा की राजनीतिः पिछले दस साल से आजसू का गढ़

लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र में आता है. 2009 में यहां से आजसु पार्टी के विधायक कमल किशोर भगत जीते थे. इसके बाद उन्होंने अपनी यह जीत 2014 में भी बरकरार रखी. इससे पहले यहां से 2005 में कांग्रेस के सुखदेव भगत विधायक थे. शहर के मशहूर दिवंगत चिकित्सक डॉ. केके सिन्हा पर हमला करने व रंगदारी मांगने के मामले में कमल किशोर भगत को जून 2015 को सात साल की सजा व 10 हजार रुपए का जुर्माना लगा था. भगत को मारपीट की घटना के 21 साल बाद सजा मिली थी.

4.61 लाख आबादी, साक्षरता दर 67.61 फीसदी

2011 की जनगणना के अनुसार लोहरदगा की आबादी 461,790 है. इनमें से 232,629 पुरुष और 229,161 महिलाएं हैं. औसत लिंगानुपात 985 है. जिले की 12.4 फीसदी आबादी शहरी और 87.6 फीसदी ग्रामीण इलाकों में रहती है. साक्षरता दर 67.61 फीसदी है. पुरुषों में शिक्षा दर 64.29 फीसदी और महिलाओं में 48.06 फीसदी है.

लोहरदगा की जातिगत गणित

  • अनुसूचित जातिः 15,330
  • अनुसूचित जनजातिः 262,734
जानिए... लोहरदगा में किस धर्म के कितने लोग रहते हैं?
  • हिंदूः 112,378
  • मुस्लिमः 95,012
  • ईसाईः 16,770
  • सिखः 51
  • बौद्धः 33
  • जैनः 15
  • अन्य धर्मः 235,987
  • जिन्होंने धर्म नहीं बतायाः 1,544
लोहरदगा में कामगारों की स्थिति

लोहरदगा में कुल आबादी का करीब आधा हिस्सा काम से जुड़ा हुआ है. 221,332 लोग रोजगार में है. इनमें से 46.5 फीसदी आबादी या तो स्थाई रोजगार में हैं या साल में 6 महीने से ज्यादा कमाई करते हैं.

  • मुख्य कामगारः 103,001
  • किसानः 52,916
  • कृषि मजदूरः 21,281
  • घरेलू उद्योगः 2,173
  • अन्य कामगारः 26,631
  • सीमांत कामगारः 118,331
  • जो काम नहीं करतेः 240,458
लोहरदगा का पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत

यहां भगवान शिव का एक विख्यात मंदिर है, जिसका नाम अखिलेश्वर धाम है. यहां का श्रावणी मेला आसपास के इलाकों में बहुत प्रसिद्ध है. इसके अलावा खकपरता गांव में एक छोटी सी पहाड़ी के ऊपर प्राचीन शिव मंदिर है. सबसे ज्यादा विख्यात है यहां का लावापानी जलप्रपात. यह जिला मुख्यालय से 52 किलोमीटर दूर है लेकिन यहां का प्राकृतिक नजारा मन मोह लेता है. यह झरना सात चरणों में गिरता है.

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