एडवांस्ड सर्च

झारखंड के पूर्व सांसद एके राय का निधन, लंबे समय से थे बीमार

60 के दशक में इंजीनियर से राजनीति में आए पूर्व सांसद एके राय मजदूरों के नेता बनें साथ ही पृथक झारखण्ड राज्य के आंदोलन का जनक भी रहे हैं.

Advertisement
aajtak.inधनबाद , 21 July 2019
झारखंड के पूर्व सांसद एके राय का निधन, लंबे समय से थे बीमार पूर्व सांसद एके राय (फोटो-twitter @MundaArjun)

धनबाद कोयलांचल में 'लाल झंडा' की राजनीति का एक युग का आज अंत हो गया. दिग्गज वामपंथी नेता और कोयला नगरी धनबाद के पूर्व सांसद और राजनीति के संत कहे जाने वाले अरुण कुमार राय उर्फ एके राय उर्फ राय का असामयिक निधन हो गया है. 60 के दशक में इंजीनियर से राजनीति में आए राय मजदूरों के नेता बनें साथ ही अलग झारखण्ड राज्य के आंदोलन का जनक भी रहे हैं. ए के राय लम्बे समय से बीमारी से जूझ रहे थे. उन्होंने धनबाद के अस्पताल में अंतिम सांस ली.

कामरेड नेता ए. के. राय पिछले 15 दिनों से बीमार चल रहे थे. उन्हें धनबाद स्थित बीसीसीएल के सेन्ट्रल हॉस्पिटल के सीसीयू में इलाज के लिए रखा गया था. उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों की माने तो पिछले चार दिनों से उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. डॉक्टरों ने बताया कि शनिवार को उन्हें सांस लेने में काफी दिक्कतें हो रही थी. जिसके बाद से डॉक्टर उन्हें ऑक्सीजन दे रहे थें. उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए कल से ही उनके समर्थकों का अस्पताल परिसर में आना-जाना लगा हुआ था. वहीं आज उनके देहांत की खबर से सिर्फ कोयलांचल ही नहीं बल्कि पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है.

पूर्व सांसद एके राय ने निधन पर मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, समेत राज्य के तमाम  शीर्ष नेताओं ने एके राय के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी शोक जताया है. अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एके राय के निधन को झारखंड के लिए बड़ी क्षति बताया है.

एके राय धनबाद से 3 बार सांसद रह चुके हैं. साथ ही एके राय सिंदरी विधानसभा क्षेत्र से 3 बार विधायक रह चुके. बता दें मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) के संस्थापक एके राय पहली बार सन् 1977 में धनबाद से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़े थे और सांसद बने थे. उन्हें जनता पार्टी का समर्थन प्राप्त था, जिसमें जेपी लहर का फायदा भी मिला. 60 के दशक में इंजीनियर से राजनीति में आये थे. वे सन् 1980 व 1989 के लोकसभा चुनावों में भी विजयी रहे थे.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay