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J-K: डोडा में भूस्खलन से 20 दुकानें तबाह, जम्मू-श्रीनगर हाइवे बंद

जम्मू एवं कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार को हुए भूस्खलन में दो दर्जन से ज्यादा दुकानें दब गई. इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.भूस्खलन भलेसा इलाके में आज सुबह चार बजे के आसपास हुआ, इसमें बाथरी मार्केट की दुकानें दब गई है.

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aajtak.in [Edited by:मयंक तिवारी ]नई दिल्ली, 13 March 2019
J-K: डोडा में भूस्खलन से 20 दुकानें तबाह, जम्मू-श्रीनगर हाइवे बंद प्रतिकात्मक फोटो

जम्मू एवं कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार को हुए भूस्खलन में दो दर्जन से ज्यादा दुकानें दब गई. इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.  

पुलिस ने कहा कि भूस्खलन भलेसा इलाके में आज सुबह चार बजे के आसपास हुआ, इसमें बाथरी मार्केट की दुकानें दब गई है. घटनास्थल डोडा से करीब 60 किलोमीटर दूर है.

हालांकि, किसी भी तरह का नुकसान नही हुआ है. उन्होंने कहा कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, लगभग दो दर्जन दुकानों से युक्त 14 ढांचे पूरी तरह से विशाल भूस्खलन के मलबे के नीचे दब गए.

उन्होंने कहा कि उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया जा चुका है. जिला प्रशासन को सड़क से मलबा हटाने के लिए मशीनों को तुरंत भेजने और घटना के बारे में सूचित कर दिया गया है. एक स्थानीय निवासी, रुबीना बेगम ने बताया कि भूस्खलन भूकंप की तरह महसूस हुआ. वहां गड़गड़ाहट और जोर से धमाके भी हुए. जब भूस्खलन हुआ तब हमारा परिवार सो रहा था. हम सब बाहर की ओर भागें.

अधिकारियों ने बताया हैं, कि भूस्खलन से सोमवार को रामबन जिले में जम्मू-श्रीनगर हाइवे का ट्रैफिक रोक दिया गया हैं, क्योंकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश हुई.

एक अधिकारी ने कहा कि, भूस्खलन ने 270 किलोमीटर लंबे राजमार्ग को कई जगहों पर नुकसान पहुंचाया हैं, जम्मू-श्रीनगर हाइवे कश्मीर को दुनिया के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र ऑल-वेदर रोड है. उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के बावजूद, स्थानीय प्रशासन मशीनों की मदद से सड़क पर मलबा हटाने का काम बहुत तेजी से कर रहें हैं. ताकि इसे एक बार फिर से यातायात के लायक बनाया जा सके. और अगले कुछ घंटों में सड़क को फिर से आवागमन के लिए चालू कर दिया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया है कि राजमार्ग पर यातायात दोनो राजधानी वैकल्पिक रूप से चार लेन की परियोजना के कारण मिलती हैं. जिसमें जवाहर सुरंग भी शामिल है, जो कि कश्मीर का प्रवेश द्वार है, इसके अलावा पटनीटॉप और कुद के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट सहित, कई अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखी जा रही है, जिससे कई इलाकों में ठंड बढ़ गयी है

शीतकालीन राजधानी जम्मू और अन्य मैदानी इलाकों में भी सोमवार सुबह से बारिश हो रही है, जिससे पारे में काफी गिरावट आयी है. चिनाब नदी का क्षेत्र जम्मू और कश्मीर के सबसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में से एक हैं.

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