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मानवता का सबक: पुणे में फंसी थीं 32 कश्मीरी लड़कियां, सिख युवकों ने ऐसे की मदद

धारा 370 हटने के बाद असमंजस के माहौल में दिल्ली के तीन सिखों ने पुणे में फंसी 32 कश्मीरी लड़कियों की मदद की. वो उन्हें साथ घर पहुंचाने गए.

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aajtak.inनई दिल्ली, 14 August 2019
मानवता का सबक: पुणे में फंसी थीं 32 कश्मीरी लड़कियां, सिख युवकों ने ऐसे की मदद सिख युवकों ने की कश्मीरी लड़कियों की मदद

दिल्ली के 3 सिख युवकों की एक ऐसी कहानी सामने आई है जिन्होंने 32 कश्मीरी लड़कियों की मदद कर मानवता का सबक सिखाया है. धारा 370 हटाने के बाद असमंजस के माहौल में दिल्ली के तीन सिखों ने पुणे में फंसीं इन कश्मीरी लड़कियों की मदद की. वो उन्हें घर पहुंचाने के लिए साथ गए.

दिल्ली के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर सिख युवक ने धारा 370 हटने के बाद फेसबुक लाइव पर फंसे कश्मीरियों की मदद का वादा किया. बाद में इस मिशन से दो और सिख भी जुड़ गए. 

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इन सिखों के पास पुणे से फोन आया और 32 कश्मीरी लड़कियों ने परिजनों से संपर्क नहीं होने का दुखड़ा सुनाया. वो मदद के लिए गुरुद्वारे आ गईं. तीनों युवकों ने इन लड़कियों के एयर टिकट के लिए सोशल साइट पर मदद मांगी तो साढ़े तीन लाख रुपये इकट्ठा हो गए. ये सभी लड़कियां पुणे में नर्सिंग का कोर्स कर रही थीं.

कश्मीर जाने का किया फैसला

लड़कियों को अकेले कश्मीर भेजने के बजाए सुरक्षा के मद्देनजर तीनों युवकों ने खुद उनके साथ कश्मीर जाने का फैसला किया. एक-एक सभी लड़कियों को शोपियां, गुलमर्ग समेत कश्मीर के कई हिस्से में उनके घर पहुंचाया गया.

बेटी को घर पर देखकर माता-पिता के खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्होंने तीनों युवकों का धन्यवाद किया. एक-एक कर ऐसे सभी 32 लड़कियों को उनके घर छोड़ा गया. इन सिखों ने इस मदद के पीछे की कहानी भी बयां की और कहा कि 84 के दंगे के दर्द ने हमें बताया, मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना.

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