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पहले इस कश्मीर को तो संभाल लीजिए, फिर जो चाहे करिए: माकपा नेता

तारीगामी ने कहा, मैं सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करता हूं जिसने मुझे इलाज के लिए दिल्ली आने की अनुमति दी और कश्मीर मेरा घर है इसलिए मैं जल्द ही अपने घर वापस जाऊंगा.

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aajtak.in
आशुतोष मिश्रा नई दिल्ली, 18 September 2019
पहले इस कश्मीर को तो संभाल लीजिए, फिर जो चाहे करिए: माकपा नेता सीताराम येचुरी के साथ यूसुफ तारीगामी (फाइल फोटो)

  • माकपा नेता ने कहा- पूरा रियासत ही कस्टडी में है
  • तारीगामी ने पूछा- सरकार बताए हमारा कसूर क्या है

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के साथ-साथ तमाम पार्टियों के नेता फिलहाल हिरासत में रखे गए हैं. ऐसे ही हिरासत में रहने वाले एक कश्मीरी नेता ने आज तक के कैमरे पर पहली बार कश्मीर को लेकर अपनी बात रखी. कश्मीर के कुलगाम से विधायक रहे माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कश्मीर को लेकर सरकार के सभी दावों को खारिज कर दिया.

बता दें, मोहम्मद यूसुफ तारीगामी को इलाज करवाने के लिए श्रीनगर से दिल्ली आने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिली और अब तारीगामी वापस कश्मीर जाने की तैयारी कर रहे हैं. पहली बार आज तक के कैमरे पर आए मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने कहा, 'मैं सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसने मुझे इलाज के लिए दिल्ली आने की अनुमति दी और कश्मीर मेरा घर है इसलिए मैं जल्द ही अपने घर वापस जाउंगा.'

तारीगामी को यह नहीं पता कि श्रीनगर एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्हें फिर से कस्टडी में ले लिया जाएगा या उन्हें दूसरे इलाकों में जाने की अनुमति मिलेगी. इस सवाल पर आज तक से तारीगामी ने कहा, 'मुझे फिर से कस्टडी में लिया जाएगा या नहीं यह तो देखेंगे, वैसे तो पूरा रियासत ही कस्टडी में है, बाकी वहां जाकर देखूंगा.'

मंगलवार को पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा समेत उनके साथ गए कई लोगों को श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस दिल्ली भेज दिया गया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तारीगामी ने कहा, ' यह बेहद अफसोस की बात है कि अपने ही देश के लोगों को अपने लोगों से नहीं मिलने दिया जा रहा है. जाहिर है सरकार कुछ छुपाना जाती है, इसलिए पूर्व विदेश मंत्री और वित्त मंत्री जैसे लोगों को भी कश्मीर नहीं जाने दिया जा रहा है.'

कश्मीर के हालात पर अपनी बात रखते हुए कुलगाम के पूर्व विधायक ने कहा, 'इमरजेंसी में भी मैं जेल में था लेकिन तब हमें वहां पर्ची दी गई थी कि आप गिरफ्तार किस वजह से हैं. आज हाल यह है कि हमें बताया भी नहीं जाता कि हम गिरफ्तार हैं, घर में बंद हैं लेकिन हमारा कसूर क्या है.'

जम्मू कश्मीर शासन की ओर से फारूक अब्दुल्ला को पीएसए के तहत गिरफ्तार करने के सवाल पर तारीगामी ने कहा कि अब तो हर किसी को गिरफ्तार किया गया है, यहां तक कि उन्हें भी जो मुख्यमंत्री रहे, विधायक रहे और मंत्री रहे. जिन पर हमले हुए, जिनके रिश्तेदारों को मारा गया, उन सब को जेल में बंद कर दिया गया है. तारीगामी ने कहा कि यह कितने दुख की बात है कि जो कानून तस्करों के खिलाफ बनाया गया, आज वही कानून फारूक अब्दुल्ला जैसे नेताओं पर लागू किया गया है. यह बता रहा है कि कश्मीर में हालत क्या है और कश्मीर में क्या हो रहा है.

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की ओर से अनुच्छेद 370 पर दिए गए बयान पर सवाल उठाते हुए यूसुफ तारीगामी ने कहा कि 370 भारत के संविधान का हिस्सा था जिसे संविधान निर्माताओं ने दिया था, तो क्या उनकी मंशा पर शक किया जा रहा है? जब संविधान में कश्मीर के लिए धारा 370 दिया गया तब सरकार में सरदार पटेल भी थे और नेहरू भी थे. इनके साथ बहुत सारे और नेता भी थे लेकिन प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि सरदार पटेल का सपना आज पूरा हुआ.

माकपा नेता का सवाल है कि क्या सरदार पटेल का सपना आज पूरा हुआ है या सरदार पटेल का सपना यह था कि संविधान बना रहे और उसी संविधान में 370 की जो जगह थी वह बनी रहे? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मेरी गुजारिश है कि वे इतिहास के तथ्यों को ठीक ढंग से देश के सामने रखें.

विदेश मंत्री जयशंकर की ओर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर दिए गए बयान पर तारिगामी ने आज तक से कहा, 'मेरा मशविरा है कि पहले इस कश्मीर को तो संभाल लीजिए, बाद में जो चाहे वह करिए. जो लोग आपके पास हैं उनको जेल में रखने से क्या मिलेगा. इस कश्मीर को जेलखाना बनाकर देश का फायदा क्या होगा, यह मैं उनसे नहीं देश के नागरिकों से भी पूछना चाहता हूं और अपील करना चाहूंगा.'

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