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PSA के तहत सोमवार को गिरफ्तार हुए फारूक अब्दुल्ला, पहले से नहीं थेः जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को परसों पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है, यह सही है. इसका मतलब यह है कि वो पिछले 35 दिन से गिरफ्तार नहीं थे.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 18 September 2019
PSA के तहत सोमवार को गिरफ्तार हुए फारूक अब्दुल्ला, पहले से नहीं थेः जावड़ेकर प्रकाश जावड़ेकर (Courtesy- ANI)

  • PSA के तहत सोमवार को गिरफ्तार किए गए थे फारूक अब्दुल्ला
  • 5 अगस्त से घर में नजरबंद हैं पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत गिरफ्तार किया गया है. जब बुधवार को इस बारे में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को परसों इस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है, यह सही है.

अगर उन्हें पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया है, तो इसका मतलब यह है कि वो पिछले 35 दिन से गिरफ्तार नहीं थे. दरअसल, पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत गिरफ्तार शख्स को 2 साल तक बिना किसी सुनवाई के हिरासत में लिया जा सकता है. आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राज्यसभा सांसद फारूक अब्दुल्ला को घर में नजरबंद किया गया था, जिसके बाद सोमवार को उनको पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया. उनके खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत रविवार को केस दर्ज किया गया था.

वहीं, सोमवार को कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने आतंकवाद के खिलाफ जंग छेड़ी थी. राज्य के विकास के लिए काम किया था. हम लोग हमेशा कश्मीर की जनता के साथ खड़े रहे और अपनी जान पर खेलकर आतंक का मुकाबला किया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को फारूक अब्दुल्ला से डर लगता है, जिसके चलते उन पर पीएसए लगाया गया है.

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के हालात के सवाल पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार अदालत में हलफनामा देकर बता चुकी है कि कश्मीर के सिर्फ 9-10 पुलिस स्टेशनों में ही पाबंदी है. बाकी जगह सब ठीक है.

वहीं, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को कश्मीर जाने की इजाजत दे दी. शीर्ष कोर्ट ने कहा कि गुलाम नबी आजाद सिर्फ 4 जिलों का ही दौरा कर सकते हैं और वो वहां पर किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे.

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